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आईआईटी और प्रशासन मिलकर संवारेंगे गांव
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:00 AM IST
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रुड़की। देश भर में किए गए सर्वेक्षण में अति पिछड़े 115 जिलों में हरिद्वार का नाम भी है। नाम आने के बाद से ही जिले के हालात सुधारने के लिए जिला प्रशासन दिन रात एक किए हुए है। अब प्रशासन ने गांवों में शिक्षा, विकास, कृषि और स्वास्थ्य आदि के क्षेत्र में बेहतर परिणाम लाने के लिए रुड़की आईआईटी की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों और आईआईटी के प्रोफेसरों की कई घंटे तक चली बैठक में कई बिंदुओं पर साथ मिल कर काम करने का निर्णय लिया गया।
देर रात तक चली बैठक में तय किया गया कि आईआईटी के प्रोफेसर और छात्र मिलकर गांवों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए स्कूलों की बेहतरी के लिए काम करेंगे। शिक्षा का स्तर सुधारने के साथ ही आईआईटी अपने प्रयोग से बाहर हो चुके कंप्यूटर स्कूलों के लिए प्रशासन को उपलब्ध कराएगी।
गांवों में तालाबों को विकसित करने और संरक्षित करने में भी योगदान करेंगे। दोनों के बीच गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, कम पानी में ज्यादा सिंचाई और उर्वरक खेती आदि को बढ़ावा देने के लिए भी मिलकर प्रयास किए जाएंगे।
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बैठक में जिला प्रशासन की ओर से मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया और आईआईटी की तरफ से डीन एम परेड़ा समेत कई अन्य प्रोफेसर मौजूद रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन को आईआईटी के छात्र भी मदद करेंगे। सीडीओ स्वाति भदौरिया ने बताया कि रुड़की ब्लॉक को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। कक्षा छह से कक्षा 12 तक के स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए आईआईटी के छात्रों की मदद ली जाएगी। समय-समय पर कक्षा में छात्रों को पढ़ाने से लेकर शिक्षा की बेहतरी के लिए कार्ययोजना बनाने का काम भी छात्र करेंगे।
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देर रात तक चली बैठक में तय किया गया कि आईआईटी के प्रोफेसर और छात्र मिलकर गांवों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए स्कूलों की बेहतरी के लिए काम करेंगे। शिक्षा का स्तर सुधारने के साथ ही आईआईटी अपने प्रयोग से बाहर हो चुके कंप्यूटर स्कूलों के लिए प्रशासन को उपलब्ध कराएगी।
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गांवों में तालाबों को विकसित करने और संरक्षित करने में भी योगदान करेंगे। दोनों के बीच गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, कम पानी में ज्यादा सिंचाई और उर्वरक खेती आदि को बढ़ावा देने के लिए भी मिलकर प्रयास किए जाएंगे।
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बैठक में जिला प्रशासन की ओर से मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया और आईआईटी की तरफ से डीन एम परेड़ा समेत कई अन्य प्रोफेसर मौजूद रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन को आईआईटी के छात्र भी मदद करेंगे। सीडीओ स्वाति भदौरिया ने बताया कि रुड़की ब्लॉक को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। कक्षा छह से कक्षा 12 तक के स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए आईआईटी के छात्रों की मदद ली जाएगी। समय-समय पर कक्षा में छात्रों को पढ़ाने से लेकर शिक्षा की बेहतरी के लिए कार्ययोजना बनाने का काम भी छात्र करेंगे।