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Rishikesh News: रामलीला में प्रतिभाग करना ही एक बड़ी तपस्या
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Iश्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी में 14 वर्षों से अभिनय कर रहे भानुI
14 वर्षों से रामलीला में विभिन्न पात्रों का अभिनय कर रहे युवा कलाकार भानु पांडेय कहते हैं कि रामलीला में प्रतिभाग करना ही एक बड़ी तपस्या है। इस दौरान रामलीला में अभिनय करने वाले पात्र पूर्ण रूप सात्विक जीवन यापन करते हैं। कहा वह बीते दो वर्षों से राम के पात्र का अभिनय कर रहे हैं। उन्हें रामलीला मंचन के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखना पड़ता है कि उनसे कोई ऐसा व्यवहार न हो जिससे राम की गरिमा को ठेस पहुंचे।
बनखंडी निवासी 32 वर्षीय भानु पांडेय ने बताया कि उन्हें बचपन से ही रंगमंच का बहुत शौक रहा है। जब वह 18 साल के थे तो उन्होंने पहली बार वर्ष 2010 में श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी में अभिनय करना शुरू किया। पहली बार उन्होंने रामलीला में माता सीता का अभिनय किया था। वर्ष 2011 में उन्हें दोबारा माता सीता का अभिनय करने का मौका मिला।
वर्ष 2012 में उन्होंने सह कलाकार सुलोचना, वशिष्ठ आदि का अभिनय किया। वर्ष 2013 से 2017 तक करीब पांच वर्ष उन्होंने लक्ष्मण का अभिनय किया। वर्ष 2018-19 में उन्होंने रावण का अभिनय किया। वर्ष 2020-21 में कोरोनाकाल के कारण रामलीला नहीं हुई। वर्ष 2022 में उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम का अभिनय करने का मौका मिला। इस बार भी वह रामलीला में भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं।
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Iबेस्ट रावण के अभिनय से हुए सम्मानितI
वर्ष 2019 में अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भानु पांडेय को बेस्ट रावण के अभिनय से सम्मानित किया था। भानु ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रदेश स्तर से रामलीला में अभिनय करने वाले कलाकारों को चुना गया था। जिसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ रावण के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
Iरामलीला में रखा जाता है पवित्रता का ध्यानI
राम का अभिनय कर रहे भानु पांडेय ने बताया कि श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी में पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाता है। रामलीला में राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान का अभिनय करने वाले कलाकारों को बरणी बांधा जाता है। इस दौरान वह मांस, मदिरा, धूम्रपान आदि का सेवन नहीं करेगा। हनुमान का किरदार वही पात्र करता है जो अविवाहित हो। रामलीला में बॉलीवुड फिल्मों के गीतों की प्रस्तुति नहीं दी जाती है।
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14 वर्षों से रामलीला में विभिन्न पात्रों का अभिनय कर रहे युवा कलाकार भानु पांडेय कहते हैं कि रामलीला में प्रतिभाग करना ही एक बड़ी तपस्या है। इस दौरान रामलीला में अभिनय करने वाले पात्र पूर्ण रूप सात्विक जीवन यापन करते हैं। कहा वह बीते दो वर्षों से राम के पात्र का अभिनय कर रहे हैं। उन्हें रामलीला मंचन के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखना पड़ता है कि उनसे कोई ऐसा व्यवहार न हो जिससे राम की गरिमा को ठेस पहुंचे।
बनखंडी निवासी 32 वर्षीय भानु पांडेय ने बताया कि उन्हें बचपन से ही रंगमंच का बहुत शौक रहा है। जब वह 18 साल के थे तो उन्होंने पहली बार वर्ष 2010 में श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी में अभिनय करना शुरू किया। पहली बार उन्होंने रामलीला में माता सीता का अभिनय किया था। वर्ष 2011 में उन्हें दोबारा माता सीता का अभिनय करने का मौका मिला।
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वर्ष 2012 में उन्होंने सह कलाकार सुलोचना, वशिष्ठ आदि का अभिनय किया। वर्ष 2013 से 2017 तक करीब पांच वर्ष उन्होंने लक्ष्मण का अभिनय किया। वर्ष 2018-19 में उन्होंने रावण का अभिनय किया। वर्ष 2020-21 में कोरोनाकाल के कारण रामलीला नहीं हुई। वर्ष 2022 में उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम का अभिनय करने का मौका मिला। इस बार भी वह रामलीला में भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं।
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Iबेस्ट रावण के अभिनय से हुए सम्मानितI
वर्ष 2019 में अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भानु पांडेय को बेस्ट रावण के अभिनय से सम्मानित किया था। भानु ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रदेश स्तर से रामलीला में अभिनय करने वाले कलाकारों को चुना गया था। जिसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ रावण के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
Iरामलीला में रखा जाता है पवित्रता का ध्यानI
राम का अभिनय कर रहे भानु पांडेय ने बताया कि श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी में पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाता है। रामलीला में राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान का अभिनय करने वाले कलाकारों को बरणी बांधा जाता है। इस दौरान वह मांस, मदिरा, धूम्रपान आदि का सेवन नहीं करेगा। हनुमान का किरदार वही पात्र करता है जो अविवाहित हो। रामलीला में बॉलीवुड फिल्मों के गीतों की प्रस्तुति नहीं दी जाती है।