रायवाला। बीते दो सालों से गौहरीमाफी स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अव्यवस्थाओं के खिलाफ ग्रामीणों और अविभावकों ने मोर्चा खोलते हुए अनिशिचितकालीन तालाबंदी की। आक्रोशित ग्रामीणों ने व्यवस्था में सुधार नहीं होने तक स्वयं गांव के युवाओं की मदद से विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य सुचारू रखा जाएगा।
शनिवार को ग्राम प्रधान रोहित नौटियाल के नेतृत्व में अविभावक और ग्रामीणों का एक दल राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल पहुंचा। ग्राम प्रधान की ओर से शिक्षकों से स्कूल में व्याप्त दो वर्षों से अव्यवस्था पर समाधान को लेकर आक्रोश जताया। शिक्षकों से उचित जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए। स्कूल में तालाबंदी की खबर खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई। जिसके बाद राइंका रायवाला के प्रभारी प्रधानाचार्य अनुज कुमार थपलियाल को मौके पर वार्ता के लिए भेजा गया। प्रभारी प्रधानाचार्य ने विद्यालय स्टाफ से उत्पन्न स्थिति को लेकर शिक्षकों से और ग्रामीणों से वार्ता कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। ग्राम प्रधान रोहित ने बताया कि स्कूल के प्रधानाचार्य जो कि मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम है बीते दो सालों से विद्यालय नहीं आ रहे है। जिसके चलते विद्वयालय के जरूरी कार्य लटके हुए हैं। विद्यालय को मिला वाला बजट आदि भी लैप्स हो गया है। इसको लेकर दो साल पुर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी और शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया जा चुका है, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसको लेकर ग्रामीणों की ओर से समाधान नहीं होने तक अनिशिचितकालीन तालाबंदी जारी रहेगी। ग्राम प्रधान ने बताया कि सोमवार से स्कूली विद्यालयों के लिए गांव के युवाओं की मदद से शिक्षण व्यवस्था अन्य भवन में संचालित की जाएगी। इधर मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली से फोन पर हुई वार्ता में बताया गया कि स्कूल की मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। इस अवसर पर उपप्रधान रेखा पोखरियाल, सरोज, शशि पटोही, बैशाखी, रजनी देवी, लक्ष्मी देवी, मालती देवी, कमाल सिंह रावत, भगवती सेमवाल, मेहरबान सिंह, देवेंद्र सिंह, कृष्णा क्षेत्री, राजेंद्र चौहान आदि रहे।