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युवाओं के लिए तीसरे दिन भी नहीं खुले वैक्सीनेशन सेंटर
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ऋषिकेश। कोरोना वैक्सीन का कोटा न मिलने के चलते एसपीएस राजकीय ऋषिकेश समेत शहर के पांचों सेंटरों में तीसरे दिन भी 18 प्लस आयुवर्ग का वैक्सीनेशन नहीं हो पाया। युवा वैक्सीन लगाने के सेंटरों में पहुंचे तो स्वास्थ्यकर्मियों ने उनको लौटा दिया। कई युवाओं ने वैक्सीन न लगने पर स्वास्थ्यकर्मियों को खूब खरी खोटी सुनाई। वहीं 45 प्लस आयुवर्ग का वैक्सीनेशन भी बामुश्किल एक घंटे तक ही चल पाया। जब कतार में लगे लाभार्थियों को वैक्सीन समाप्त होने की जानकारी दी गई तो वे भी स्वास्थ्यकर्मियों पर ही भड़क उठे।
सोमवार को एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में 18 प्लस आयु वर्ग का वैक्सीनेशन सेंटर बंद रहा। वहीं 45 प्लस आयुवर्ग के लाभार्थियों का वैक्सीनेशन भी केवल एक घंटे ही चल पाया। इस दौरान 220 लाभार्थियों ने वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई। अब आज (मंगलवार) को वैक्सीन का कोटा नहीं मिला तो 45 प्लस आयुवर्ग के वैक्सीनेशन सेंटर पर भी ताला लग जाएगा।
उधर पूर्णानंद इंटर कॉलेज मुनिकीरेती में भी 18 प्लस आयुवर्ग का वैक्सीनेशन सेंटर बंद रहा। वैक्सीनेशन के लिए सेंटरों में पहुंचे युवाओं को निराश वापस लौटना पड़ा। यहां भी केवल 45 प्लस आयु वर्ग के 187 लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई। फकोट ब्लॉक के स्वास्थ्य प्रभारी डा. जगदीशचंद जोशी ने बताया कि उनके पास वैक्सीन की मात्रा बहुत कम थी। अब 45 आयु वर्ग के दूसरी डोज लगाने वालों की संख्या बढ़ रही है। जिसके कारण अन्य वर्ग के लाभार्थियों को वैक्सीन नहीं लगाई जा रहा है। वैक्सीन आने के बाद ही सभी आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगेगी।
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उधर यमकेश्वर ब्लॉक के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों में वैक्सीन न होने से सभी सेंटरों में ताले लगे रहे। स्वर्गाश्रम स्थित स्वामी शुकदेवानंद चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल के वैक्सीनेशन केंद्र में लोग वैक्सीन पूछने के लिए आते रहे। वैक्सीन नहीं होने के कारण लोग सेंटरों से बैरंग लौट गए। यमकेश्वर ब्लॉक के नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि वैक्सीन आने के बाद ही टीकाकरण अभियान शुरू होगा।
विदेश यात्रा में वैक्सीन बन रही रुकावट
ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सायलय में गुमानीवाला के शुभम भट्ट और आकाश भट्ट 18 से 44 आयु वर्ग की दूसरी डोज लगाने के लिए आए। वैक्सीन समाप्त होने पर ये लोग दूसरी डोज लगाने से वंचित रह गए। शुभम ने बताया कि वह साउथ अफ्रीका में सीप में काम करता है और आकाश ने बताया कि वह सिंगापुर में सीप पर काम करता है। एक जुलाई को उनकी फ्लाइट है। लेकिन इससे पहले उन्हें कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगानी होगी। ऐसे में अब उनके लिए परेशानी हो गई है।
सरकारी अस्पताल में नहीं है कोवैक्सीन
ऋषिकेश। तिलकरोड निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने सरकारी अस्पताल में 45 आयु वर्ग से ऊपर आयु के तहत कोवैक्सीन की पहली डोज लगाई थी। दूसरी डोज के लिए उनके मोबाइल पर मैसेज पर मैसेज आ रहे हैं। लेकिन सरकारी अस्पताल में कोवैक्सीन ही समाप्त है।
नहीं लग रही पहली डोज
ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल में 45 आयु वर्ग के तहत कोरोना की पहली डोज लगाने आई सोमेश्वरनगर निवासी लक्ष्मी धीमान ने बताया कि वैक्सीन नहीं होने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। उधर पूर्णानंद इंटर कॉलेज मुनिकीरेती में भी इस आयु वर्ग में पहली डोज लगाने पहुंचे हरीश यादव ने बताया कि वैक्सीन नहीं होने के कारण वे वापस जा रहे हैं।
वैक्सीनेेशन सेंटरों में पसरा सन्नाटा
ऋषिकेश। पूर्णानंद इंटर कॉलेज मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम स्थित स्वामी शुकदेवानंद चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। वैक्सीनेशन नहीं होने के कारण लोग बाहर से देखकर ही वापस जा रहे थे।
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सोमवार को एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में 18 प्लस आयु वर्ग का वैक्सीनेशन सेंटर बंद रहा। वहीं 45 प्लस आयुवर्ग के लाभार्थियों का वैक्सीनेशन भी केवल एक घंटे ही चल पाया। इस दौरान 220 लाभार्थियों ने वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई। अब आज (मंगलवार) को वैक्सीन का कोटा नहीं मिला तो 45 प्लस आयुवर्ग के वैक्सीनेशन सेंटर पर भी ताला लग जाएगा।
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उधर पूर्णानंद इंटर कॉलेज मुनिकीरेती में भी 18 प्लस आयुवर्ग का वैक्सीनेशन सेंटर बंद रहा। वैक्सीनेशन के लिए सेंटरों में पहुंचे युवाओं को निराश वापस लौटना पड़ा। यहां भी केवल 45 प्लस आयु वर्ग के 187 लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई। फकोट ब्लॉक के स्वास्थ्य प्रभारी डा. जगदीशचंद जोशी ने बताया कि उनके पास वैक्सीन की मात्रा बहुत कम थी। अब 45 आयु वर्ग के दूसरी डोज लगाने वालों की संख्या बढ़ रही है। जिसके कारण अन्य वर्ग के लाभार्थियों को वैक्सीन नहीं लगाई जा रहा है। वैक्सीन आने के बाद ही सभी आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगेगी।
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उधर यमकेश्वर ब्लॉक के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों में वैक्सीन न होने से सभी सेंटरों में ताले लगे रहे। स्वर्गाश्रम स्थित स्वामी शुकदेवानंद चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल के वैक्सीनेशन केंद्र में लोग वैक्सीन पूछने के लिए आते रहे। वैक्सीन नहीं होने के कारण लोग सेंटरों से बैरंग लौट गए। यमकेश्वर ब्लॉक के नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि वैक्सीन आने के बाद ही टीकाकरण अभियान शुरू होगा।
विदेश यात्रा में वैक्सीन बन रही रुकावट
ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सायलय में गुमानीवाला के शुभम भट्ट और आकाश भट्ट 18 से 44 आयु वर्ग की दूसरी डोज लगाने के लिए आए। वैक्सीन समाप्त होने पर ये लोग दूसरी डोज लगाने से वंचित रह गए। शुभम ने बताया कि वह साउथ अफ्रीका में सीप में काम करता है और आकाश ने बताया कि वह सिंगापुर में सीप पर काम करता है। एक जुलाई को उनकी फ्लाइट है। लेकिन इससे पहले उन्हें कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगानी होगी। ऐसे में अब उनके लिए परेशानी हो गई है।
सरकारी अस्पताल में नहीं है कोवैक्सीन
ऋषिकेश। तिलकरोड निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने सरकारी अस्पताल में 45 आयु वर्ग से ऊपर आयु के तहत कोवैक्सीन की पहली डोज लगाई थी। दूसरी डोज के लिए उनके मोबाइल पर मैसेज पर मैसेज आ रहे हैं। लेकिन सरकारी अस्पताल में कोवैक्सीन ही समाप्त है।
नहीं लग रही पहली डोज
ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल में 45 आयु वर्ग के तहत कोरोना की पहली डोज लगाने आई सोमेश्वरनगर निवासी लक्ष्मी धीमान ने बताया कि वैक्सीन नहीं होने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। उधर पूर्णानंद इंटर कॉलेज मुनिकीरेती में भी इस आयु वर्ग में पहली डोज लगाने पहुंचे हरीश यादव ने बताया कि वैक्सीन नहीं होने के कारण वे वापस जा रहे हैं।
वैक्सीनेेशन सेंटरों में पसरा सन्नाटा
ऋषिकेश। पूर्णानंद इंटर कॉलेज मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम स्थित स्वामी शुकदेवानंद चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। वैक्सीनेशन नहीं होने के कारण लोग बाहर से देखकर ही वापस जा रहे थे।