उत्तराखंड चुनाव: टिकट कटने के बाद ऋतु बोलीं- संगठन के निर्णय का पूरा सम्मान, करूंगी पार्टी प्रत्याशी के लिए प्रचार
उत्तराखंड के पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी की बेटी ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि उनको यमकेश्वर की जनता की सेवा का मौका मिला। इन पांच वर्षों के दौरान उन्होंने जनता से लगातार संवाद स्थापित कर उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि भाजपा संगठन का निर्णय सर्वमान्य है और वह इसका पूरा सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि अभी पार्टी की ओर से उनको कोई नई जिम्मेदारी की पेशकश नहीं की गई है। ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि संगठन से उनको किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ाने की जानकारी भी नहीं मिली है। ऋतु खंडूरी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूड़ी की बेटी हैं।
अमर उजाला से बातचीत में यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि वह भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता हैं। पार्टी ने विधानसभा सीट पर प्रत्याशी का चयन जरूर सोच समझकर किया होगा। जातीय समीकरण के चलते विधानसभा सीट पर बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह एक सैनिक की बेटी हैं, इसलिए सभी धर्म और जाति के लोग उनके लिए समान हैं।
ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि उनको यमकेश्वर की जनता की सेवा का मौका मिला। इन पांच वर्षों के दौरान उन्होंने जनता से लगातार संवाद स्थापित कर उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया। भाजपा के मूल मंत्र ‘सबका साथ सबका विकास’ के आधार पर उन्होंने क्षेत्र को विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्याशी का चुनाव कर लिया है, इसलिए एक कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी को विधानसभा सीट पर जीत दिलाना उनकी जिम्मेदारी है।
जातीय समीकरण बैठाने के लिए तो नहीं हुआ बदलाव
कांग्रेस से शैलेंद्र सिंह रावत रावत यमकेश्वर विधानसभा सीट के प्रबल दावेदार हैं, वहीं द्वारीखाल ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा भी कांग्रेस के टिकट के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। अब भाजपा ने यमकेश्वर ब्लॉक की पहली प्रमुख रेणु बिष्ट को टिकट दिया है। ऐसे में इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि भाजपा ने कहीं न कहीं जातीय समीकरण बैठाने के लिए सीट में बदलाव किया है।
सर्वे रिपोर्ट को भी माना जा रहा है वजह
सूत्रों के मुताबिक यमकेश्वर विधानसभा में भाजपा ने जनता के रुख को भांपने के लिए दो बार सर्वे किया था। बताया जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट कुछ खास अच्छी नहीं थी।