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घायल बच्चों का हाल जानने एम्स पहुंचीं ऊषा नेगी
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ऋषिकेश। एम्स की इमरजेंसी में तैनात कर्मियों के व्यवहार पर बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को एम्स पहुंचीं ऊषा नेगी ने मौजूदा कर्मियों को जमकर फटकार लगाई।
बता दें, बीते मंगलवार को टिहरी जिले के कंगसाली गांव के समीप स्कूल वाहन दुर्घटना में कई बच्चे घायल हो गए थे। बच्चों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। बुधवार को बच्चों का हाल जानने एम्स पहुंचीं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के सामने एक एम्स कर्मी ने सभी को बाहर जाने के लिए कह दिया। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने कर्मी को जमकर फटकार लगानी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन पर मेल और संदेशों का जवाब न देने का आरोप लगाया। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष के आने की सूचना मिलने पर आननफानन एम्स के कानूनी सलाहकार प्रदीप पांडे, जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल, डीएमएस डॉ. प्रेरणा मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। इस दौरान ऊषा नेगी ने एम्स के चिकित्साधीक्षक से घायलों के संबंध में जानकारी ली और परिजनों से बात की। इस मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, कृपाल सिंह चौहान, ओएसडी कमल गुप्ता भी उपस्थित रहे।
परिजनों के ठहरने का करें उचित इंतजाम
बातचीत में भर्ती बच्चों के परजिनों ने एम्स में ठहरने के इंतजाम को लेकर समस्या बताई। इस पर अध्यक्ष ऊषा नेगी ने तहसीलदार रेखा आर्य को परिजनों को ठहराने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए।
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टिहरी अस्पताल में भर्ती घायलों को भेजेंगे एम्स
हालचाल जानने के दौरान कुछ परिजनों ने कई बच्चों के टिहरी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। इसके बाद ऊषा नेगी ने एम्स चिकित्साधीक्षक से वार्ता की। एम्स प्रशासन ने घायल बच्चों को भर्ती करने के लिए हामी भरी। इस पर ऊषा नेगी ने जिलाधिकारी टिहरी से वार्ता कर बाकी घायल बच्चों को इलाज के लिए जल्द एम्स भेजने को कहा है।
हर संभव मदद की जाएगी
बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि सरकार घायल बच्चों के इलाज के लिए हर संभव प्रयास में लगी है। उन्होंने घायल बच्चों के अभिभावकों से बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ कार्य न करने के लिए कहा है। इसके अलावा इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लगे इसके लिए अभिभावकों से सजग रहने की अपील की।
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बता दें, बीते मंगलवार को टिहरी जिले के कंगसाली गांव के समीप स्कूल वाहन दुर्घटना में कई बच्चे घायल हो गए थे। बच्चों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। बुधवार को बच्चों का हाल जानने एम्स पहुंचीं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के सामने एक एम्स कर्मी ने सभी को बाहर जाने के लिए कह दिया। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने कर्मी को जमकर फटकार लगानी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन पर मेल और संदेशों का जवाब न देने का आरोप लगाया। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष के आने की सूचना मिलने पर आननफानन एम्स के कानूनी सलाहकार प्रदीप पांडे, जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल, डीएमएस डॉ. प्रेरणा मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। इस दौरान ऊषा नेगी ने एम्स के चिकित्साधीक्षक से घायलों के संबंध में जानकारी ली और परिजनों से बात की। इस मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, कृपाल सिंह चौहान, ओएसडी कमल गुप्ता भी उपस्थित रहे।
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परिजनों के ठहरने का करें उचित इंतजाम
बातचीत में भर्ती बच्चों के परजिनों ने एम्स में ठहरने के इंतजाम को लेकर समस्या बताई। इस पर अध्यक्ष ऊषा नेगी ने तहसीलदार रेखा आर्य को परिजनों को ठहराने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए।
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टिहरी अस्पताल में भर्ती घायलों को भेजेंगे एम्स
हालचाल जानने के दौरान कुछ परिजनों ने कई बच्चों के टिहरी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। इसके बाद ऊषा नेगी ने एम्स चिकित्साधीक्षक से वार्ता की। एम्स प्रशासन ने घायल बच्चों को भर्ती करने के लिए हामी भरी। इस पर ऊषा नेगी ने जिलाधिकारी टिहरी से वार्ता कर बाकी घायल बच्चों को इलाज के लिए जल्द एम्स भेजने को कहा है।
हर संभव मदद की जाएगी
बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि सरकार घायल बच्चों के इलाज के लिए हर संभव प्रयास में लगी है। उन्होंने घायल बच्चों के अभिभावकों से बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ कार्य न करने के लिए कहा है। इसके अलावा इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लगे इसके लिए अभिभावकों से सजग रहने की अपील की।