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Rishikesh News: पेयजल लाइन जर्जर, सात गांवों में आपूर्ति प्रभावित
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तल्ला ढांगू के गांवों में पेयजल के लिए 29 साल बाद पहले बनी उच्चाकोट पंपिंग योजना
यमकेश्वर ब्लॉक के तल्ला ढांगू के सात गांवों में पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य 1994 में उच्चाकोट पंपिंग योजना निर्माण किया गया था। 29 सालों में पाइप लाइन जर्जर हो चुकी हैं। जिससे गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थानीय ग्रामीण इस योजना का पुर्निर्माण करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है।
मई 1994 को उच्चाकोट पंपिंग योजना निर्माण किया गया था। इस योजना से खैड़ा, नांद तल्ला, नांद मल्ला, गैंड, उच्चाकोट, कुंड, नकुर्ची आदि गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है। इस परियोजना में पेयजल आपूर्ति बंदरचट्टी से होती है। बंदरचट्टी से देवीडांड तक करीब 10 किलोमीटर लंबी लाइन है। अलग-अलग स्थानों से पेयजल लाइन गांवों के लिए विभाजित की गई है।
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परियोजना की पाइप लाइनों की मरम्मत न होने से पाइप लाइन अधिकांश जगहों पर जंक खाकर गल चुकी है। कई स्थानों पर इस पेयजल लाइन में लीकेज होता है। इससे पेयजल लाइन के प्रेशर पर भी असर पड़ता है। जल संस्थान कोटद्वार की ओर से परियोजना का रखरखाव न किए जाने से योजना की हालत बदतर हो गई है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र नेगी, राजेंद्र नेगी बताया कि परियोजना की मरम्मत की काफी समय से मांग की जा रही है।
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- यमकेश्वर ब्लॉक की उच्चाकोट पंपिंग योजना के कुछ पाइप बदले जा रहे हैं। जल्द ही लीकेज की समस्या खत्म होगी। - एसके उपाध्याय, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कोटद्वार