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Rishikesh News: 150 मरीजों की जांच दो लैब टेक्नीशियनों के भरोसे
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ऋषिकेश। राजकीय उपजिला चिकित्सालय में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी अब मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन करीब 150 पैथोलॉजी जांचें मात्र दो लैब टेक्नीशियनों के भरोसे संचालित हो रहीं हैं।
अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के कुल तीन स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो पर ही तैनाती है। इनमें से एक टेक्नीशियन ब्लड बैंक में कार्यरत है, जबकि पैथोलॉजी लैब में एक नियमित और एक संविदा कर्मी ही पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। ऐसे में जांच व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से करीब 150 से अधिक मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए पैथोलॉजी लैब भेजा जाता है। सीमित स्टाफ के चलते जांच प्रक्रिया में देरी होना आम बात हो गई है, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब कोई एक टेक्नीशियन अवकाश पर चले जाता है।
- इस संबंध में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस, राजकीय उपजिला चिकित्सालय।
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अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के कुल तीन स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो पर ही तैनाती है। इनमें से एक टेक्नीशियन ब्लड बैंक में कार्यरत है, जबकि पैथोलॉजी लैब में एक नियमित और एक संविदा कर्मी ही पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। ऐसे में जांच व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से करीब 150 से अधिक मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए पैथोलॉजी लैब भेजा जाता है। सीमित स्टाफ के चलते जांच प्रक्रिया में देरी होना आम बात हो गई है, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब कोई एक टेक्नीशियन अवकाश पर चले जाता है।
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- इस संबंध में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस, राजकीय उपजिला चिकित्सालय।
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