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Rishikesh News: स्वचालित आरी से काटे जा रहे पेड़
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रानीपोखरी में पिछले दो दिनों में चंदन के आधा दर्जन से अधिक पेड़ों पर रात के अंधेरे में बारिश के दौरान आरियां चलाई गई हैं। इससे पहले जून माह में अपर जौलीग्रांट में भी चंदन के दो पेड़ काटे गए थे। रानीपोखरी क्षेत्र में पिछले दो से तीन महीने के दौरान सैनिक बस्ती में संदीप जायवाल, नागाघेर में दयानंद पाल, राजधरन, अशोक कुमार, रेशम विभाग आदि से एक दर्जन से अधिक चंदन (वन विभाग के अनुसार चंदना) के पेड़ काटे जा चुके हैं। लेकिन अब तक इस मामले में वन विभाग या पुलिस में कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। न इन मामलों में किसी की गिरफ्तारी हुई है। यही कारण है कि वन तस्कर चंदन के अलावा आम, लीची, खैर और दूसरे प्रतिबंधित पेड़ों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। बीते मार्च में लागू हुए नए शासनादेश में सिर्फ 15 प्रजातियों के पेड़ों को ही संरक्षित प्रजाति में रखा गया है। तुन, अमरूद, जामुन, चंदना आदि कई दर्जनों महत्वपूर्ण प्रजातियों को छूट में डाल दिया गया है। जिस कारण डोईवाला क्षेत्र में तस्करों के कई गैंग सक्रिय हो गए हैं। तस्कर अब जंगलों के अंदर जाकर पेड़ काटने लगे हैं। पेड़ों की संख्या लगातार कम होने से पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
तस्कर अब स्वचालित आरियों से लैस हो चुके हैं। यह आरी बाजार या ऑनलाइन आसानी से मिल जाती हैं। बैटरी वाली आरी से दो से तीन फीट तक की गोलाई का पेड़ बिना आवाज किए आसानी से काटा जा सकता है। - सुधीर रतूडी, ग्राम प्रधान रानीपोखरी
खेत से चंदन के तीन पेड़ तस्करों ने काटे हैं। जिसकी सूचना पुलिस को दी है। पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है। रात में खुलेआम घूम रहे तस्करों से ग्रामीणों को भी खतरा हो सकता है। इसलिए इस मामले में वन विभाग और पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। - प्रवीण कश्यप
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तस्कर अब स्वचालित आरियों से लैस हो चुके हैं। यह आरी बाजार या ऑनलाइन आसानी से मिल जाती हैं। बैटरी वाली आरी से दो से तीन फीट तक की गोलाई का पेड़ बिना आवाज किए आसानी से काटा जा सकता है। - सुधीर रतूडी, ग्राम प्रधान रानीपोखरी
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खेत से चंदन के तीन पेड़ तस्करों ने काटे हैं। जिसकी सूचना पुलिस को दी है। पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है। रात में खुलेआम घूम रहे तस्करों से ग्रामीणों को भी खतरा हो सकता है। इसलिए इस मामले में वन विभाग और पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। - प्रवीण कश्यप
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