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Rishikesh News: छह महीने से पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
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Iजल जीवन मिशन योजना की दोनों लाइन क्षतिग्रस्त, गांव में रहता है 20 परिवारI
ब्लाॅक के दिवोगी ग्राम सभा के तोक गांव साईकिलवाड़ी गांव में बीते छह माह से पेयजल संकट बना हुआ है। गांव में जल जीवन मिशन योजना की दोनों लाइन क्षतिग्रस्त हो रखी हैं। वर्तमान समय में गांव में कुल 20 परिवार रहते हैं।
जुलाई महीने में बरसात के बाद से पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। मामला संज्ञान में होने के बावजूद जलसंस्थान कोटद्वार इस ओर उदासीन बने हुए हैं। स्थानीय ग्रामीण संजीव कंडवाल ने बताया कि गांव में वर्ष 1989 में सिमारीधार तोक के स्त्रोत से पानी की पाइप लाइन बिछायी गयी थी, जिस पर पानी आता रहता था।
वर्ष 2022 में जल जीवन मिशन के तहत सर्वे किया गया और सिमारीधार तोक के स्त्रोत से दूसरी पाइप लाइन बिछा दी। वहीं कुछ अन्य परिवारों के लिए बेगरा नामक स्त्रोत से भी पानी की पाइप लाइन बिछा दी गई। मार्च में पानी की आपूर्ति होने लगी। बेगरा नामक स्त्रोत से आने वाली पाइप लाइन बरसात में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सिमारीधार तोक की नई लाइन में भी समस्या आ गई। जिससे गांव में पेयजल संकट गहराने लगा।
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जुलाई महीने से गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है। घर के आगे लगे नल भी शोपीस बन गए हैं। ग्रामीण राजेश रावत और आयुष रावत ने बताया कि उन्होंने अन्य ग्रामीणों की मदद से पानी की लाइन को ठीक करने के लिए स्वयं प्रयास किया था, लेकिन उन्हें असफलता मिली। इस बारे में कई बार जल संस्थान कोटद्वार को इसकी सूचना दी जा चुकी है। बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
Iसाईकिलवाड़ी गांव की पेयजल योजना का आपदा के दौरान प्राक्कलन कर डीएम पौड़ी को भेज दिया गया है। जैसे ही जिले से बजट मिलेगा आपदा से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - अभिषेक वर्मा, जलकल अभियंता कोटद्वारI
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ब्लाॅक के दिवोगी ग्राम सभा के तोक गांव साईकिलवाड़ी गांव में बीते छह माह से पेयजल संकट बना हुआ है। गांव में जल जीवन मिशन योजना की दोनों लाइन क्षतिग्रस्त हो रखी हैं। वर्तमान समय में गांव में कुल 20 परिवार रहते हैं।
जुलाई महीने में बरसात के बाद से पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। मामला संज्ञान में होने के बावजूद जलसंस्थान कोटद्वार इस ओर उदासीन बने हुए हैं। स्थानीय ग्रामीण संजीव कंडवाल ने बताया कि गांव में वर्ष 1989 में सिमारीधार तोक के स्त्रोत से पानी की पाइप लाइन बिछायी गयी थी, जिस पर पानी आता रहता था।
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वर्ष 2022 में जल जीवन मिशन के तहत सर्वे किया गया और सिमारीधार तोक के स्त्रोत से दूसरी पाइप लाइन बिछा दी। वहीं कुछ अन्य परिवारों के लिए बेगरा नामक स्त्रोत से भी पानी की पाइप लाइन बिछा दी गई। मार्च में पानी की आपूर्ति होने लगी। बेगरा नामक स्त्रोत से आने वाली पाइप लाइन बरसात में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सिमारीधार तोक की नई लाइन में भी समस्या आ गई। जिससे गांव में पेयजल संकट गहराने लगा।
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जुलाई महीने से गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है। घर के आगे लगे नल भी शोपीस बन गए हैं। ग्रामीण राजेश रावत और आयुष रावत ने बताया कि उन्होंने अन्य ग्रामीणों की मदद से पानी की लाइन को ठीक करने के लिए स्वयं प्रयास किया था, लेकिन उन्हें असफलता मिली। इस बारे में कई बार जल संस्थान कोटद्वार को इसकी सूचना दी जा चुकी है। बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
Iसाईकिलवाड़ी गांव की पेयजल योजना का आपदा के दौरान प्राक्कलन कर डीएम पौड़ी को भेज दिया गया है। जैसे ही जिले से बजट मिलेगा आपदा से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - अभिषेक वर्मा, जलकल अभियंता कोटद्वारI