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Rishikesh News: 11 को खत्म हो रहा कुलपति का कार्यकाल, सेवा विस्तार की चर्चा
Sun, 05 Apr 2026 02:58 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:58 AM IST
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में प्रो. एनके जोशी का तीन वर्षीय कार्यकाल 11 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, लेकिन नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया अभी अधूरी है। संभावना जताई जा रही है कि वर्तमान कुलपति को नए कुलपति की तैनाती तक सेवा विस्तार दिया जा सकता है।
प्रो. एनके जोशी को 12 अप्रैल 2023 को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि का कुलपति नियुक्त किया गया था। कुलपति का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित है। अब जबकि कार्यकाल समाप्ति की तिथि नजदीक है, शासन ने नए कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन इसके पूरा होने में अभी काफी समय लगेगा।
इस बीच सबसे ज्यादा संभावना वर्तमान कुलपति को सेवा विस्तार दिए जाने की जताई जा रही है, ताकि प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों में निरंतरता बनी रहे। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि यदि सेवा विस्तार पर निर्णय नहीं हुआ, तो विश्वविद्यालय के किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को प्रभारी कुलपति के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। पूर्व में भी ऐसा हो चुका है। नवंबर 2022 में तत्कालीन कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रो. एमएस. रावत को प्रभारी कुलपति नियुक्त किया गया था, जिन्होंने करीब छह माह तक यह जिम्मेदारी निभाई थी।
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प्रो. एनके जोशी को 12 अप्रैल 2023 को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि का कुलपति नियुक्त किया गया था। कुलपति का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित है। अब जबकि कार्यकाल समाप्ति की तिथि नजदीक है, शासन ने नए कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन इसके पूरा होने में अभी काफी समय लगेगा।
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इस बीच सबसे ज्यादा संभावना वर्तमान कुलपति को सेवा विस्तार दिए जाने की जताई जा रही है, ताकि प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों में निरंतरता बनी रहे। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि यदि सेवा विस्तार पर निर्णय नहीं हुआ, तो विश्वविद्यालय के किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को प्रभारी कुलपति के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। पूर्व में भी ऐसा हो चुका है। नवंबर 2022 में तत्कालीन कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रो. एमएस. रावत को प्रभारी कुलपति नियुक्त किया गया था, जिन्होंने करीब छह माह तक यह जिम्मेदारी निभाई थी।
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