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Rishikesh News: 22 दिन में 30 से अधिक प्राइवेट ट्रैक्टर पकड़े
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Iव्यावसायिक प्रयोग करने के दौरान पकड़े जाने पर लग रहा भारी जुर्माना
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Iप्राइवेट ट्रैक्टरों पर चल रहा एआरटीओ का डंडा, लगातार चल रहा है अभियानI
प्राइवेट ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग रोकने के लिए परिवहन विभाग ने ठोस कार्रवाई शुरु कर दी है। पिछले महीने 22 दिन में करीब 30 प्राइवेट ट्रैक्टरों को सीज किया गया है। जबकि अन्य व्यावसायिक ट्रैक्टरों को भी पकड़ा गया है। परिवहन विभाग की ओर से पकड़े गए ट्रैक्टर जौलीग्रांट पुलिस चौकी, रायवाला और एआरटीओ कार्यालय में खड़े किए गए हैं।
ऋषिकेश और उससे सटे क्षेत्र रानीपोखरी, डोईवाला, रायवाला, श्यामपुर में प्राइवेट ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग की ओर से प्राइवेट ट्रैक्टरों को लेकर अभियान चलाया गया था।
परिवहन विभाग की ओर से पूर्व में ठोस कार्रवाई न किए जाने से हरिद्वार, रुड़की और देहरादनू में कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर निर्माण सामग्री ढोने में लगे हैं। किसी भी निर्माण कार्य के दौरान प्राइवेट ट्रैक्टर और बिना पंजीकरण की ट्रैक्टर ट्रॉली ही नजर आती है। अब परिवहन विभाग की ओर से प्राइवेट ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग की ओर से नवंबर माह में 22 दिन में करीब 30 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है।
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Iकैसे होते हैं कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टरI
कृषि कार्य में जो ट्रैक्टर पंजीकृत होते हैं उन्हें किसी प्रकार का टैक्स जमा नहीं करना पड़ता। रजिस्ट्रर्ड होने पर 15 साल तक फिटनेस की जरूरत नहीं पड़ती। पंजीकरण के दौरान 15 साल का इंश्योरेंश हो जाता है। प्रदूषण के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं पड़ती। कृषि कार्य के लिए ट्रॉली बिना नंबर की चल सकती है। अपने फायदे के लिए निर्माण सामग्री का काम करने वाले लोग व्यावसायिक ट्रैक्टरों के बजाय कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टरों का प्रयोग करते हैं।
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Iकृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग रोकने के लिए पिछले माह से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिछले माह करीब 30 ट्रैक्टर पकड़े गए। कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर का व्यावसायिक प्रयोग होने पर भारी जुर्माना लग रहा है। यह राशि करीब 30 से 35 हजार के करीब या उससे अधिक हो रही है। अभियान लगातार जारी रहेगा। - मोहित कोठारी, एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेशI
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Iप्राइवेट ट्रैक्टरों पर चल रहा एआरटीओ का डंडा, लगातार चल रहा है अभियानI
प्राइवेट ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग रोकने के लिए परिवहन विभाग ने ठोस कार्रवाई शुरु कर दी है। पिछले महीने 22 दिन में करीब 30 प्राइवेट ट्रैक्टरों को सीज किया गया है। जबकि अन्य व्यावसायिक ट्रैक्टरों को भी पकड़ा गया है। परिवहन विभाग की ओर से पकड़े गए ट्रैक्टर जौलीग्रांट पुलिस चौकी, रायवाला और एआरटीओ कार्यालय में खड़े किए गए हैं।
ऋषिकेश और उससे सटे क्षेत्र रानीपोखरी, डोईवाला, रायवाला, श्यामपुर में प्राइवेट ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग की ओर से प्राइवेट ट्रैक्टरों को लेकर अभियान चलाया गया था।
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परिवहन विभाग की ओर से पूर्व में ठोस कार्रवाई न किए जाने से हरिद्वार, रुड़की और देहरादनू में कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर निर्माण सामग्री ढोने में लगे हैं। किसी भी निर्माण कार्य के दौरान प्राइवेट ट्रैक्टर और बिना पंजीकरण की ट्रैक्टर ट्रॉली ही नजर आती है। अब परिवहन विभाग की ओर से प्राइवेट ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग की ओर से नवंबर माह में 22 दिन में करीब 30 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है।
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Iकैसे होते हैं कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टरI
कृषि कार्य में जो ट्रैक्टर पंजीकृत होते हैं उन्हें किसी प्रकार का टैक्स जमा नहीं करना पड़ता। रजिस्ट्रर्ड होने पर 15 साल तक फिटनेस की जरूरत नहीं पड़ती। पंजीकरण के दौरान 15 साल का इंश्योरेंश हो जाता है। प्रदूषण के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं पड़ती। कृषि कार्य के लिए ट्रॉली बिना नंबर की चल सकती है। अपने फायदे के लिए निर्माण सामग्री का काम करने वाले लोग व्यावसायिक ट्रैक्टरों के बजाय कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टरों का प्रयोग करते हैं।
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Iकृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टरों का व्यावसायिक प्रयोग रोकने के लिए पिछले माह से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिछले माह करीब 30 ट्रैक्टर पकड़े गए। कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर का व्यावसायिक प्रयोग होने पर भारी जुर्माना लग रहा है। यह राशि करीब 30 से 35 हजार के करीब या उससे अधिक हो रही है। अभियान लगातार जारी रहेगा। - मोहित कोठारी, एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेशI