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Rishikesh News: शत्रुघ्न घाट से श्रीनगर के लिए रवाना हुई तेल कलश यात्रा
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Iब्रह्मपुरी स्थित रामतपस्थली आश्रम में एक घंटे रुकी यात्रा का श्रद्धालुओं ने किए दर्शनI
भगवान बदरी विशाल के अभिषेक के लिए तिल के तेल की कलश शोभा यात्रा मुनि की रेती से ब्रह्मपुरी स्थित रामतपस्थली आश्रम के लिए रवाना हुई। आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ तेल कलश का स्वागत किया गया। करीब एक घंटे के बाद यात्रा श्रीनगर के लिए रवाना हो गई।
शनिवार को मुनि की रेती स्थित शत्रुघ्न मंदिर में श्रद्धालुओं ने तेल कलश के दर्शन किया। गुरुवार को ऋषिकेश में प्रवास के बाद शुक्रवार को तेल कलश यात्रा रात्रि प्रवास के लिए मुनि की रेती के शत्रुघ्न मंदिर पहुंची थी। शनिवार सुबह शत्रुघ्न मंदिर में श्रद्धालुओं ने तेल कलश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उसके बाद यात्रा ब्रह्मपुरी स्थित रामतपस्थली आश्रम पहुंची। आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास और संतों ने यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया।
आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं ने कलश के दर्शन किए। आश्रम में करीब एक घंटे रुकने के बाद कलश यात्रा श्रीनगर के लिए रवाना हुई। इस मौके पर महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, स्वामी मुकुंदानंद महाराज, श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, उपाध्यक्ष भास्कर डिमरी, बीकेटीसी सदस्य रणजीत राणा, हरीश, हरीश गौड़, डाॅ. जर्नादन कैरवान आदि शामिल रहे।
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I11 मई की शाम बदरीनाथ धाम पहुंचेगी यात्राI
तेल कलश यात्रा 28 अप्रैल को डिम्मर पहुंचेगी। जहां 7 मई तक श्री लक्ष्मी मंदिर डिम्मर में प्रवास करेगी। कलश यात्रा 9 मई को जोशीमठ, 10 मई पांडुकेश्वर, 11 मई शाम को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 12 मई को प्रात: 6 बजे भगवान बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने पर तेल कलश को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
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भगवान बदरी विशाल के अभिषेक के लिए तिल के तेल की कलश शोभा यात्रा मुनि की रेती से ब्रह्मपुरी स्थित रामतपस्थली आश्रम के लिए रवाना हुई। आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ तेल कलश का स्वागत किया गया। करीब एक घंटे के बाद यात्रा श्रीनगर के लिए रवाना हो गई।
शनिवार को मुनि की रेती स्थित शत्रुघ्न मंदिर में श्रद्धालुओं ने तेल कलश के दर्शन किया। गुरुवार को ऋषिकेश में प्रवास के बाद शुक्रवार को तेल कलश यात्रा रात्रि प्रवास के लिए मुनि की रेती के शत्रुघ्न मंदिर पहुंची थी। शनिवार सुबह शत्रुघ्न मंदिर में श्रद्धालुओं ने तेल कलश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उसके बाद यात्रा ब्रह्मपुरी स्थित रामतपस्थली आश्रम पहुंची। आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास और संतों ने यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया।
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आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं ने कलश के दर्शन किए। आश्रम में करीब एक घंटे रुकने के बाद कलश यात्रा श्रीनगर के लिए रवाना हुई। इस मौके पर महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, स्वामी मुकुंदानंद महाराज, श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, उपाध्यक्ष भास्कर डिमरी, बीकेटीसी सदस्य रणजीत राणा, हरीश, हरीश गौड़, डाॅ. जर्नादन कैरवान आदि शामिल रहे।
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I11 मई की शाम बदरीनाथ धाम पहुंचेगी यात्राI
तेल कलश यात्रा 28 अप्रैल को डिम्मर पहुंचेगी। जहां 7 मई तक श्री लक्ष्मी मंदिर डिम्मर में प्रवास करेगी। कलश यात्रा 9 मई को जोशीमठ, 10 मई पांडुकेश्वर, 11 मई शाम को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 12 मई को प्रात: 6 बजे भगवान बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने पर तेल कलश को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।