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एक विचार से होती है बड़े परिवर्तन की शुरुआत: डॉ धस्माना
Sat, 12 Sep 2026 07:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 12 Sep 2026 07:07 PM IST
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जौलीग्रांट। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की ओर से आयोजित टेडएक्स-एसआरएचयू के प्रथम संस्करण में विभिन्न क्षेत्रों में सफल नौ लोगों ने अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव साझा किए। द स्पार्क विदिन विषय पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को सफलता के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत एक विचार से होती है। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि पौड़ी जिले के तौली गांव में जन्म के समय चिकित्सा सुविधाओं का अभाव था। परिवार और आध्यात्मिक गुरु के मार्गदर्शन से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्हें हिमालयन अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की सेवा का अवसर मिला। उन्होंने युवाओं को निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
ओहो रेडियो के संस्थापक और रेडियो उद्घोषक काव्य ने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार मंच से बोलने के बाद उनका मंच से जुड़ाव बढ़ता गया। कार्यक्रम में साइबर कानून विशेषज्ञ साक्षर दुग्गल, सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुपमा जोशी, जेट्टा फार्म्स के संस्थापक रितुराज शर्मा, सारंग विकास समिति की संस्थापक बिनिता शाह व हर्षल दिलवाली और क्लैरिसा समूह के निदेशक शौर्य सैनी ने भी अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की।
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सिलबट्टे से बनी नमकवाली की पहचान
जौलीग्रांट। नमकवाली की संस्थापक शशि बहुगुणा रतूड़ी ने कहा कि उन्हे बचपन से ही प्रकृति और पर्यावरण से बड़ा प्रेम रहा है। एक दिन महिलाओं को सिलबट्टे पर नमक पीसते देखा तो इसको एक बिजनेस के रूप में आगे बढ़ाने का विचार मन में आया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत एक विचार से होती है। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि पौड़ी जिले के तौली गांव में जन्म के समय चिकित्सा सुविधाओं का अभाव था। परिवार और आध्यात्मिक गुरु के मार्गदर्शन से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्हें हिमालयन अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की सेवा का अवसर मिला। उन्होंने युवाओं को निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
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ओहो रेडियो के संस्थापक और रेडियो उद्घोषक काव्य ने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार मंच से बोलने के बाद उनका मंच से जुड़ाव बढ़ता गया। कार्यक्रम में साइबर कानून विशेषज्ञ साक्षर दुग्गल, सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुपमा जोशी, जेट्टा फार्म्स के संस्थापक रितुराज शर्मा, सारंग विकास समिति की संस्थापक बिनिता शाह व हर्षल दिलवाली और क्लैरिसा समूह के निदेशक शौर्य सैनी ने भी अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की।
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सिलबट्टे से बनी नमकवाली की पहचान
जौलीग्रांट। नमकवाली की संस्थापक शशि बहुगुणा रतूड़ी ने कहा कि उन्हे बचपन से ही प्रकृति और पर्यावरण से बड़ा प्रेम रहा है। एक दिन महिलाओं को सिलबट्टे पर नमक पीसते देखा तो इसको एक बिजनेस के रूप में आगे बढ़ाने का विचार मन में आया।