{"_id":"6577fb85397637bc9b029d7f","slug":"the-foundation-course-of-yoga-organized-rishikesh-news-c-5-1-drn1033-305610-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: विदेशी साधकों ने सीखे योग के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: विदेशी साधकों ने सीखे योग के गुर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Iपरमार्थ में योग फाउंडेशन कोर्स का समापन, प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्रI
परमार्थ निकेतन में आयोजित योग के फाउंडेशन कोर्स का समापन हो गया। कार्यक्रम में भारत समेत इटली, जर्मनी, स्पेन, नार्वे, अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा आदि देशों से पहुंचे योग प्रतिभागियों को रुद्राक्ष की माला और प्रमाणपत्र दिया गया।
परमार्थ निकेतन में योग के फाउंडेशन कोर्स के माध्यम से भारतीय संस्कृति, दर्शन, पंचकोश सिंद्धांत, सांख्य योग, पुरुष-प्रकृति, बंधन और मुक्ति, अष्टांग योग, हठयोग, योग के अनुप्रयोग, यौगिक आहार, जीवन शैली और समग्र स्वास्थ्य आदि का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने योग प्रशिक्षक प्रार्थना, प्राणायाम, यज्ञ, योग दर्शन, वैदिक मंत्र उच्चारण, दर्शन, ध्यान, सत्संग व गंगा आरती के माध्यम से यौगिक व आध्यात्मिक दिनचर्या को आत्मसात किया।
फाउंडेशन कोर्स के समापन पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने विश्व के अनेक देशों से पहुंचे जिज्ञासुओं को योग के साथ प्रकृति योग का संदेश दिया। कहा सभी को मिलकर प्रकृति, संस्कृति और संतति कि लिए कार्य करना होगा। योग के साथ सभी को जंगल, जमीनों व प्राकृतिक संसाधन के लिए कार्य करना होगा। व्यावहारिक स्तर पर योग शरीर, मन और भावनाओं में संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का एक सर्वश्रेष्ठ साधन है। इस मौके पर भारत से अभिजीत पारवी, सुरेंद्र सिंह, रोहन जैन, इटली से स्टेफानो लिउजो, जर्मनी से लियो स्टारित्जबिक्लर, लिनस डेसेकर, बेरेनिके सोमर आदि योग जिज्ञासु मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
परमार्थ निकेतन में आयोजित योग के फाउंडेशन कोर्स का समापन हो गया। कार्यक्रम में भारत समेत इटली, जर्मनी, स्पेन, नार्वे, अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा आदि देशों से पहुंचे योग प्रतिभागियों को रुद्राक्ष की माला और प्रमाणपत्र दिया गया।
परमार्थ निकेतन में योग के फाउंडेशन कोर्स के माध्यम से भारतीय संस्कृति, दर्शन, पंचकोश सिंद्धांत, सांख्य योग, पुरुष-प्रकृति, बंधन और मुक्ति, अष्टांग योग, हठयोग, योग के अनुप्रयोग, यौगिक आहार, जीवन शैली और समग्र स्वास्थ्य आदि का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने योग प्रशिक्षक प्रार्थना, प्राणायाम, यज्ञ, योग दर्शन, वैदिक मंत्र उच्चारण, दर्शन, ध्यान, सत्संग व गंगा आरती के माध्यम से यौगिक व आध्यात्मिक दिनचर्या को आत्मसात किया।
विज्ञापन
फाउंडेशन कोर्स के समापन पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने विश्व के अनेक देशों से पहुंचे जिज्ञासुओं को योग के साथ प्रकृति योग का संदेश दिया। कहा सभी को मिलकर प्रकृति, संस्कृति और संतति कि लिए कार्य करना होगा। योग के साथ सभी को जंगल, जमीनों व प्राकृतिक संसाधन के लिए कार्य करना होगा। व्यावहारिक स्तर पर योग शरीर, मन और भावनाओं में संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का एक सर्वश्रेष्ठ साधन है। इस मौके पर भारत से अभिजीत पारवी, सुरेंद्र सिंह, रोहन जैन, इटली से स्टेफानो लिउजो, जर्मनी से लियो स्टारित्जबिक्लर, लिनस डेसेकर, बेरेनिके सोमर आदि योग जिज्ञासु मौजूद रहे।
विज्ञापन