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Rishikesh News: चेक बाउंस के अभियुक्त को तीन माह का सश्रम कारावास
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Iन्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता की अदालत ने सुनाया फैसला, तीन लाख का अर्थदंड भी लगायाI
न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने चेक बाउंस के आरोपी को तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर तीन लाख का अर्थदंड भी लगाया है। जिसमें से दो लाख 98 हजार की धनराशि परिवादी को प्रतिकर के रूप में देय होंगे। जबकि दो हजार की धनराशि जुर्माने के तौर पर राजकोष में जमा करानी होगी।
नेपाली फार्म श्यामपुर निवासी महिपाल सैनी नौ मार्च 2018 को न्यायालय में वाद दायर किया था। महिपाल सैनी ने बताया था कि वह टेलीकॉम का कार्य करते हैं। आरोपी जितेंद्र से उनकी जान-पहचान थी। उनसे ढाई लाख रुपये की लागत के टेलीकॉम के उपकरण उधार में खरीदे थे। काफी समय बाद उन्होंने जितेंद्र से उधार की रकम मांगी तो जितेंद्र ने उन्हें 12 फरवरी 2018 का पंजाब नेशनल बैंक लक्ष्मण झूला शाखा का ढाई लाख की धनराशि का चेक दिया। महिपाल ने बताया कि जब उन्होंने उक्त चेक अपने खाते में लगाया तो बैंक ने अपर्याप्त धनराशि कह कर लौटा दिया। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने फैसला सुनाया। आरोपी जितेंद्र को तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड धनराशि अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने चेक बाउंस के आरोपी को तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर तीन लाख का अर्थदंड भी लगाया है। जिसमें से दो लाख 98 हजार की धनराशि परिवादी को प्रतिकर के रूप में देय होंगे। जबकि दो हजार की धनराशि जुर्माने के तौर पर राजकोष में जमा करानी होगी।
नेपाली फार्म श्यामपुर निवासी महिपाल सैनी नौ मार्च 2018 को न्यायालय में वाद दायर किया था। महिपाल सैनी ने बताया था कि वह टेलीकॉम का कार्य करते हैं। आरोपी जितेंद्र से उनकी जान-पहचान थी। उनसे ढाई लाख रुपये की लागत के टेलीकॉम के उपकरण उधार में खरीदे थे। काफी समय बाद उन्होंने जितेंद्र से उधार की रकम मांगी तो जितेंद्र ने उन्हें 12 फरवरी 2018 का पंजाब नेशनल बैंक लक्ष्मण झूला शाखा का ढाई लाख की धनराशि का चेक दिया। महिपाल ने बताया कि जब उन्होंने उक्त चेक अपने खाते में लगाया तो बैंक ने अपर्याप्त धनराशि कह कर लौटा दिया। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने फैसला सुनाया। आरोपी जितेंद्र को तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड धनराशि अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी।
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