परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने अफ्रीका महाद्वीप स्थित माउंट किलिमंजारो फतह कर लौटी उत्तराखंड की देवयानी सेमवाल को रुद्राक्ष का पौधा देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने भविष्य में सफलतापूर्वक आरोहण के लिए उन्हें आशीर्वाद दिया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि इसी सप्ताह भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत को पहला गोल्ड दिलाकर सभी को गौरवान्वित किया है। हिमा दास ने भारत को पांच गोल्ड मेडल दिए हैं। उत्तराखंड की देवयानी सेमवाल ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर उत्तराखंड ही नहीं भारत का नाम रोशन किया है। स्वामी ने कहा कि भारत की बेटियों ने हमेशा से ही भारत को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान दें, उन्हें अवसर दें और संसाधन प्रदान करें ताकि वे हर क्षेत्र में ऊंची उड़ान भर सकें। सरकार बेटी बचाओेेेे, बेटी पढ़ाओ के साथ ही अनेक ऐसे अभियान चला रही है। लेकिन, बेटियों को सुरक्षित रखना समाज की सोच पर निर्भर करता है। देवयानी सेमवाल ने परमार्थ निकेतन गंगा तट पर होने वाली दिव्य आरती में भाग लेकर आगामी आरोहणों के लिए मां गंगा और स्वामी से आशीर्वाद लिया। देवयानी सेमवाल मुख्य रूप से उत्तरकाशी के विकासखंड भटवाड़ी के मुखवा की रहने वाली हैं।