परमार्थ निकेतन में तीन दिवसीय नो वन बिहाइंड, वैश्विक शिखर सम्मेलन का शुभारंभ किया गया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के सामाजिक जुड़ावों को बढ़ावा देने के लिए योगदान प्रदान करना है। इसके साथ ही भारत सरकार के प्रयासों और स्वच्छ भारत मिशन को सहयोग और समर्थन भी प्रदान करना है।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद ने बताया कि इस शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकार, निजी क्षेत्रों, मीडिया, खेल आदि के अलावा सभी संबंधित संस्थानों और संगठनों के सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। इन्हें 15 समूहों में वर्गीकृत किया जाएगा। इन 15 समूहों के सदस्यों को सतत् विकास लक्ष्य, संयुक्त राष्ट्र टीम के दिशा निर्देशों और विभिन्न समूहों के लिए तैयार किए जाएंगे। लीव नो वन बिहाइंड शिखर सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों से 250 से अधिक लोगो को आंमत्रित किया गया है। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने भारत के विभिन्न राज्यों से आ रहे प्रतिभागियों का गंगा के पावन तट स्थित परमार्थ निकेेतन में सभी का स्वागत किया। स्वामी ने कहा कि लीव नो वन बिहाइंड शिखर सम्मेलन के माध्यम से संयुक्त रूप से किया गया यह प्रयास मानव और प्रकृति के कल्याण के नए मार्ग खोलेगा। परमार्थ गंगा आरती में सभी प्रतिभागियों को जल संरक्षण का संकल्प कराया।