ऋषिकेश। उत्तराखंड आंदोलनकारियों के स्मारक को जेसीबी से तोड़ने के विरोध व स्व. इंद्रमणि बडोनी हॉल को उत्तराखंड के आंदोलनकारियों के लिए स्मारक के लिए दिए जाने की मांग को लेकर त्रिवेणी घाट पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।
रविवार को वरिष्ठ आंदोलनकारी सरोज डिमरी के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना के लिए हमारे आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व बलिदान दिया है, हमारी परिकल्पना ऐसे उत्तराखंड राज्य की थी जिसमें हमारी सांस्कृतिक विविधता परिवेश के साथ हमारे युवाओं को आर्थिक स्वावलंबन प्राप्त हो सकें, परंतु इसके उलट शहीद आंदोलनकारियों का स्मारक प्रशासन ने जेसीबी से तोड़ दिया। जो शहीद हुए आंदोलनकारियों का अपमान है। वरिष्ठ आंदोलनकारी ऊषा रावत व संजय शास्त्री ने कहा कि संपूर्ण उत्तराखंड प्रदेश में ऋषिकेश तहसील ही एक मात्र स्थान है। जहां शहीद राज्य आंदोलनकारियों का स्मारक तोड़ा गया, जोकि सरासर निंदनीय है। इस अवसर पर वेद प्रकाश शर्मा, विमला रावत, अटल सेना के अध्यक्ष शीलू पंत, कुसुम जोशी, वीरेंद्र सजवाण, ज्योति सजवाण, आशुतोष शर्मा, राकेश सेमवाल, युद्धवीर सिंह चौहान, बलवीर सिंह नेगी, श्रीकांता शर्मा, प्रेमा नौटियाल शर्मा, शीला ध्यानी, शांति, दर्शनी देवी नौटियाल, मुंबा देवी, इंदिरावती, कपिल गुप्ता, जयंती नेगी, महेश्वरी, सुभाष शर्मा, बीना कोठारी, सीमा नौटियाल, सुशीला शर्मा, सीमा नौटियाल आदि मौजूद रहे।