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सांप काटे तो 15 हजार, बंदर के काटने पर मुआवजा नहीं

Thu, 11 Aug 2016 01:09 AM IST
rishikesh
rishikesh Updated Thu, 11 Aug 2016 01:09 AM IST
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Snake bite 15 thousand, monkey bites compensation
बंदर का अातंक - फोटो : photo file

उत्पाती बंदर शहर और समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में कई लोगों को घायल कर चुके हैं। विडंबना यह कि वन विभाग में बंदर के काटने पर मुआवजे का प्रावधान नहीं है, जबकि सर्पदंश से घायल होने पर 15 हजार और मृत्यु होने पर तीन लाख रुपये मिलेंगे।

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ऋषिकेश रेंज के अंतर्गत आबादी वाले क्षेत्र श्यामपुर, गुमानीवाला, खदरीखड़कमाफ, वीरपुरखुर्द, प्रगति विहार, आशुतोषनगर, शैल विहार, इंदिरानगर आदि में पिछले कुछ सालों से बंदरों की आमद बढ़ी है। आबादी में बंदर उत्पात मचा रहे हैं। कई लोगों को घायल भी कर चुके हैं। यही वजह है कि आए दिन प्रभावित लोग आतंकी बंदरों से निजात दिलाने की मांग को लेकर रेंज कार्यालय पहुंचते हैं। हैरत की बात यह कि बंदर के काटने, घरेलू सामान क्षतिग्रस्त करने पर वन विभाग में पीड़ित के लिए किसी तरह के मुआवजे का प्रावधान नहीं है। सर्पदंश के इक्का दुक्का मामले होते हैं, जिसमें मुआवजे का प्रावधान है। 
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सर्पदंश पर मुआवजा
क्षति का प्रकार       अनुग्रह राशि मुआवजा
साधारण घायल       15 हजार
गंभीर घायल           50 हजार
आंशिक अपंग          एक लाख
पूर्ण अपंग                दो लाख
मृत्यु पर                  तीन लाख

क्या कहते हैं अधिकारी
मानव वन्य जीव संघर्ष के तहत राहत वितरण निधि नियमावली 2012 में जंगली जानवरों हमले और नुकसान की भरपाई के लिए अनुग्रह राशि मुआवजे का प्रावधान किया गया है, जिसमें बंदर काटने पर मुआवजे का प्रावधान नहीं है। सर्पदंश पर मुआवजे का नियम है।
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गंगासागर नौटियाल, वनक्षेत्राधिकारी

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