{"_id":"57a63d954f1c1b356a2b90b5","slug":"six-years-after-making-four-lane-haridwar-dehradun","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह साल बाद भी नहीं बना हरिद्वार-देहरादून फोरलेन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह साल बाद भी नहीं बना हरिद्वार-देहरादून फोरलेन
naveen nautiyal
Updated Sun, 07 Aug 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
हरिद्वार-देहरादून मार्ग को फोनलेन में तब्दील करने का कार्य
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार-देहरादून मार्ग को फोनलेन में तब्दील करने का कार्य नवंबर 2010 में 692 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ था। इसे 2012 में पूरा किया जाना था। लेकिन, छह साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। इसे कार्यदायी संस्था की लापरवाही ही कहेंगे कि नई सड़क बनने से डाउन हुई पुरानी सड़कें पर पानी एकत्र हो गया है। पानी की निकासी न होने और गड्ढे होने की वजह से लोग इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हालांकि अब कार्य 2017 में खत्म होना है।
हरिद्वार को देहरादून से जोड़ने वाले हाईवे को फोनलेन में तब्दील करने का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। करोड़ों की लागत से महज 39 किलोमीटर फोरलेन सड़क और फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अभी तक 70-75 प्रतिशत तक ही पूरा हुआ है। जबकि पूर्व में हाईवे को फोनलेन की शक्ल देने की अंतिम तारीब वर्ष 2012 थी। जिसका खामियाजा हाईवे पर वाहनों से चलने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है।
सड़क किनारे फ्लाईओवर के लिए खोदे गए गड्ढों में बरसात का पानी जमा होने से बड़े हादसे होने का खतरा बना रहता है। वहीं, सड़क को फोरलेन में तब्दील करने के लिए हाईवे किनारे पड़ी मिट्टी में वाहन रपटने से लोग चोटिल हो रहे हैं। बुधवार को भी सत्यनारायण मंदिर के पास भारी जलभराव होने से दुपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हुए। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
विज्ञापन
कंपनी अधिकारियों के मुताबिक देरी के लिए सरकार जिम्मेदार
फोरलेन का काम समय पर पूरा न होने के पीछे कंपनी के अधिकारी सरकार को जिम्मेदार मानते हैं। उनके मुताबिक उत्तराखंड में पर्यावरण संबंधी कई कानून हाईवे विस्तारीकरण की राह में अड़चन बन रहे हैं। समय रहते खनन और भंडारण के लिए शासन से अनुमति न मिलने के कारण कार्य में विलंब हुआ है। राजाजी पार्क क्षेत्र में भी अनुमति मिलने में विलंब के चलते कार्य शुरू करने में देरी हुई है। हालांकि अब मामला सुलझ गया है। जल्द ही फोरलेन का काम पूरा हो जाएगा।
एनएच 72 फोरलेन पर एक नजर
निर्माणदायी संस्था- ऐरा इंफा कंपनी लिमिटेड
नेशनल हाईवे को फोनलेन में तब्दील करने का बजट- 692 करोड़
फोरलेन की लंबाई- 39 किलोमीटर
कार्य शुरू होने की तारीख- फरवरी 2010
कार्य शुरू हुआ- नवंबर 2010
कार्य खत्म होना था- अगस्त 2012
अब कार्य समाप्त होना है- 2017
फ्लाईओवर- लाल तप्पड़, भानियावाला, डोईवाला
हाथी अंडर पास- मोतीचूर, तीनपानी
रेल अंडरपास- रायवाला
बरसात खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही बरसात खत्म होती है, फोरलेन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कुछ जगहों पर नई सड़क बनने से पुरानी सड़कें डाउन हो गई हैं। जिस वजह से सड़कों पर पानी जमा हो रहा है। जल्द ही सड़कों से पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाएगी। - एनके शर्मा, जनरल मैनेजर, ऐरा कंपनी
विज्ञापन
हरिद्वार को देहरादून से जोड़ने वाले हाईवे को फोनलेन में तब्दील करने का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। करोड़ों की लागत से महज 39 किलोमीटर फोरलेन सड़क और फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अभी तक 70-75 प्रतिशत तक ही पूरा हुआ है। जबकि पूर्व में हाईवे को फोनलेन की शक्ल देने की अंतिम तारीब वर्ष 2012 थी। जिसका खामियाजा हाईवे पर वाहनों से चलने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सड़क किनारे फ्लाईओवर के लिए खोदे गए गड्ढों में बरसात का पानी जमा होने से बड़े हादसे होने का खतरा बना रहता है। वहीं, सड़क को फोरलेन में तब्दील करने के लिए हाईवे किनारे पड़ी मिट्टी में वाहन रपटने से लोग चोटिल हो रहे हैं। बुधवार को भी सत्यनारायण मंदिर के पास भारी जलभराव होने से दुपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हुए। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
विज्ञापन
कंपनी अधिकारियों के मुताबिक देरी के लिए सरकार जिम्मेदार
फोरलेन का काम समय पर पूरा न होने के पीछे कंपनी के अधिकारी सरकार को जिम्मेदार मानते हैं। उनके मुताबिक उत्तराखंड में पर्यावरण संबंधी कई कानून हाईवे विस्तारीकरण की राह में अड़चन बन रहे हैं। समय रहते खनन और भंडारण के लिए शासन से अनुमति न मिलने के कारण कार्य में विलंब हुआ है। राजाजी पार्क क्षेत्र में भी अनुमति मिलने में विलंब के चलते कार्य शुरू करने में देरी हुई है। हालांकि अब मामला सुलझ गया है। जल्द ही फोरलेन का काम पूरा हो जाएगा।
एनएच 72 फोरलेन पर एक नजर
निर्माणदायी संस्था- ऐरा इंफा कंपनी लिमिटेड
नेशनल हाईवे को फोनलेन में तब्दील करने का बजट- 692 करोड़
फोरलेन की लंबाई- 39 किलोमीटर
कार्य शुरू होने की तारीख- फरवरी 2010
कार्य शुरू हुआ- नवंबर 2010
कार्य खत्म होना था- अगस्त 2012
अब कार्य समाप्त होना है- 2017
फ्लाईओवर- लाल तप्पड़, भानियावाला, डोईवाला
हाथी अंडर पास- मोतीचूर, तीनपानी
रेल अंडरपास- रायवाला
बरसात खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही बरसात खत्म होती है, फोरलेन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कुछ जगहों पर नई सड़क बनने से पुरानी सड़कें डाउन हो गई हैं। जिस वजह से सड़कों पर पानी जमा हो रहा है। जल्द ही सड़कों से पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाएगी। - एनके शर्मा, जनरल मैनेजर, ऐरा कंपनी