ऋषिकेश। पितृ पक्ष के अंतिम दिन अमावस्या पर लोगों ने गंगा तट पर अपने पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया।लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, तपोवन, पूर्णानंद, स्वामीनारायण, त्रिवेणीघाट और साईंघाट आदि जगह गंगा तटों और घाटों पर लोग अपने पितरों का पिंडदान करते हुए दिखाई दिए।
आचार्य पंकज पैन्यूली ने बताया कि सर्व पितृ अमावस्या के दिन उन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है, जिनकी हिंदू कैलेंडर के अनुसार मृत्यु, तिथि का पता नहीं होता है। इस दिन धरती पर आए सभी पितरों को श्राद्ध कर्म करके पितृ लोक में विदा करते हैं। पितरों को विदा करते समय उनसे किसी भी भूल की क्षमा याचना भी करनी चाहिए। इसलिए अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध किया जाता है।