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Rishikesh News: पीएचसी किमसार में सुरक्षा से खिलवाड़
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IIअग्नि सुरक्षा उपकरण की अवधि हो चुकी है समाप्त, बाल्टी में बालू के बदले पड़े हैं कूड़े
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Iविकासखंड यमकेश्वर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) किमसार में अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों के प्रति गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। यहां आग बुझाने के उपकरण की तिथि समाप्त हो चुकी है। फायर बकेट भी खाली पड़ी है।वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जल्द फायर एक्सटिंग्विशर को रीफिल कर दिया जाएगा।
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Iपीएचसी किमसार में प्रतिदिन 15 से 20 ओपीडी होती हैं। यहां एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट व एक तकनीकी सहायक की तैनाती है। मरीजों को भर्ती करने के लिए चार बेड की सुविधा भी है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन यहां सुरक्षा उपकरणों को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
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Iअस्पताल में एक अग्नि सुरक्षा उपकरण व चार फायर बकेट हैं। अग्नि सुरक्षा उपकरण बीते जून माह में एक्सपायर हो चुका है। जबकि यहां रखी गई चार फायर बकेट में भी रेत नहीं है। इन बकेट में कूड़ा डाला गया है। चिकित्साधिकारी डॉ. शाहरुन जहां ने कहा कि इसे गंभीरता से लिया जाएगा। जल्द फायर एक्सटिंग्विशर को रीफिल करने के साथ ही फायर बकेट में भी रेत भर दी जाएगी।I
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IIअग्नि सुरक्षा उपकरण की अवधि हो चुकी है समाप्त, बाल्टी में बालू के बदले पड़े हैं कूड़े
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Iविकासखंड यमकेश्वर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) किमसार में अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों के प्रति गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। यहां आग बुझाने के उपकरण की तिथि समाप्त हो चुकी है। फायर बकेट भी खाली पड़ी है।वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जल्द फायर एक्सटिंग्विशर को रीफिल कर दिया जाएगा।
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Iपीएचसी किमसार में प्रतिदिन 15 से 20 ओपीडी होती हैं। यहां एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट व एक तकनीकी सहायक की तैनाती है। मरीजों को भर्ती करने के लिए चार बेड की सुविधा भी है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन यहां सुरक्षा उपकरणों को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
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Iअस्पताल में एक अग्नि सुरक्षा उपकरण व चार फायर बकेट हैं। अग्नि सुरक्षा उपकरण बीते जून माह में एक्सपायर हो चुका है। जबकि यहां रखी गई चार फायर बकेट में भी रेत नहीं है। इन बकेट में कूड़ा डाला गया है। चिकित्साधिकारी डॉ. शाहरुन जहां ने कहा कि इसे गंभीरता से लिया जाएगा। जल्द फायर एक्सटिंग्विशर को रीफिल करने के साथ ही फायर बकेट में भी रेत भर दी जाएगी।I
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