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Rishikesh News: बल्याखान गांव पहुंची आरवीएनएल की टीम
Wed, 17 Dec 2025 02:03 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 17 Dec 2025 02:03 AM IST
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बल्याखान गांव में मकानों का निरीक्षण करती रेल विकास निगम की टीम- स्रोत- ग्रामीण
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रेल विकास निगम लिमिटेड की टीम ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्राडगेज रेलवे लाइन से प्रभावित टिहरी जिले के नरेंद्रनगर विकासखंड के बल्याखान गांव पहुंची। टीम ने प्रभावित मकानों की फोटोग्राफी के साथ प्रभावित ग्रामीणों से वार्ता की। जल्द ही भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम के साथ निरीक्षण के लिए आने को कहा।
सोमवार को रेल विकास निगम के उप महाप्रबंधक भूपेंद्र कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गांव बल्याखान पहुंची। टीम में न तो रेल विकास निगम के भूगर्भ वैज्ञानिक थे न ही लोनिवि नरेंद्रनगर के इंजीनियर। टीम ने प्रभावित 14 परिवारों को 18 मकानों का निरीक्षण कर दरारों की फोटो खींची।
स्थानीय निवासी विमला देवी ने बताया कि 26 नवंबर को प्रभावित लोग जिलाधिकारी टिहरी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने गए थे। जिलाधिकारी ने रेल विकास निगम के अधिकारियों को गांव में जाकर निरीक्षण करने के लिए कहा था।
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बताया कि रेल विकास निगम की ओर से सुरंग की खुदाई के वक्त लोगाें के मकानों में दरारें आ गई थी। उन्होंने बताया कि यदि रेल विकास निगम की ओर से उन्हें विस्थापित नहीं किया जाता है तो इस ट्रैक पर ट्रेन चलने के दौरान मकानों की दरारें और चौड़ी हो जाएंगी और कई मकान जमींदोज हो जाएंगे। निरीक्षण के दौरान राधे लाल, राकेश रयाल, मदन रयाल, राजेंद्र प्रसाद, विक्रम सिंह आदि उपस्थित रहे।
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भूगर्भीय रिपोर्ट सार्वजनिक करें रेल विकास निगम
27 अगस्त 2025 को रेल विकास निगम की टीम भूगर्भ वैज्ञानिकों के साथ बल्याखान गांव पहुंची थी। इस दौरान भूगर्भ वैज्ञानिकों ने दरारों की जांच की थी। लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी रेल विकास निगम लिमिटेड ऋषिकेश ने वह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की। ग्रामीण रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
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सोमवार को रेल विकास निगम के उप महाप्रबंधक भूपेंद्र कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गांव बल्याखान पहुंची। टीम में न तो रेल विकास निगम के भूगर्भ वैज्ञानिक थे न ही लोनिवि नरेंद्रनगर के इंजीनियर। टीम ने प्रभावित 14 परिवारों को 18 मकानों का निरीक्षण कर दरारों की फोटो खींची।
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स्थानीय निवासी विमला देवी ने बताया कि 26 नवंबर को प्रभावित लोग जिलाधिकारी टिहरी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने गए थे। जिलाधिकारी ने रेल विकास निगम के अधिकारियों को गांव में जाकर निरीक्षण करने के लिए कहा था।
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बताया कि रेल विकास निगम की ओर से सुरंग की खुदाई के वक्त लोगाें के मकानों में दरारें आ गई थी। उन्होंने बताया कि यदि रेल विकास निगम की ओर से उन्हें विस्थापित नहीं किया जाता है तो इस ट्रैक पर ट्रेन चलने के दौरान मकानों की दरारें और चौड़ी हो जाएंगी और कई मकान जमींदोज हो जाएंगे। निरीक्षण के दौरान राधे लाल, राकेश रयाल, मदन रयाल, राजेंद्र प्रसाद, विक्रम सिंह आदि उपस्थित रहे।
भूगर्भीय रिपोर्ट सार्वजनिक करें रेल विकास निगम
27 अगस्त 2025 को रेल विकास निगम की टीम भूगर्भ वैज्ञानिकों के साथ बल्याखान गांव पहुंची थी। इस दौरान भूगर्भ वैज्ञानिकों ने दरारों की जांच की थी। लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी रेल विकास निगम लिमिटेड ऋषिकेश ने वह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की। ग्रामीण रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।