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दस्तावेजों के बीच उलझा एनएच का अतिक्रमण हटाओ अभियान
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नगर निगम सभागार में एनएच अधिकारियों के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करते व्यापारी।
- फोटो : RISHIKESH
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तीर्थनगरी के मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दस्तावेजों पर उलझ कर रह गई है। दरसअल व्यापारियों के अनुसार त्रिवेणी घाट से चंद्रभागा तक 80 फीट पर सड़क का अतिक्रमण हटना चाहिए। तो वहीं एनएच विभाग के अनुसार दस्तावेजों की पूरी जांच के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया जाना है। ऐसे मेें फिलहाल दोनों ओर से कोई निर्णय न निकलने पर एनएच का अतिक्रमण हटाओ अभियान लटक गया है।
रविवार को एनएच विभाग की ओर से ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर चंद्रभागा पुल से 96 फीट की दूरी पर अतिक्रमण चिह्निीकरण करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। उस दौरान एनएच विभाग की इस कार्रवाई पर व्यापारियों ने मनमानी का आरोप लगाया था। इस समाधान के लिए उसके अगले दिन उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में व्यापारियों ने एनएच विभाग के साथ नगर निगम सभागार मेें एक बैठक भी की थी। मगर कोई ठोस निर्णय न निकल पाने के कारण 26 दिसंबर तक अतिक्रमण की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया था।
बृहस्पतिवार को नगर निगम सभागार में तहसीलदार रेखा आर्य और एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में व्यापारियों की आयोजित कमेटी के संग पुन: एक बैठक की गई। इस दौरान भरत मंदिर ट्रस्ट के वरुण शर्मा ने अधिशासी अभियंता के समक्ष वर्ष 1905 का नक्शा प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने बताया कि नक्शे के अनुरूप त्रिवेणी घाट से चंद्रभागा पुल तक की रोड पर 80 फीट सड़क पर अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। एनएच के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि दस्तावेजों की संपूर्ण जांच के बाद ही अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू की जानी है। शीघ्र ही दस्तावेजों की जांच को निपटा लिया जाएगा। इस अवसर पर जीएमवीएन उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंघल, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, व्यापार मंडल के महामंत्री ललित मोहन मिश्र, नमामि गंगे संयोजक कपिल गुप्ता, मनमीत सिंह, घनश्याम मेहता, शेखर कुमार, नरेश अग्रवाल, सुभाष कोहली, वत्सल शर्मा, सरदार अमन सिंह, विनीत शर्मा, आशु डंग, नायाब तहसीलदार करण सिंह आदि उपस्थित थे।
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रविवार को एनएच विभाग की ओर से ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर चंद्रभागा पुल से 96 फीट की दूरी पर अतिक्रमण चिह्निीकरण करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। उस दौरान एनएच विभाग की इस कार्रवाई पर व्यापारियों ने मनमानी का आरोप लगाया था। इस समाधान के लिए उसके अगले दिन उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में व्यापारियों ने एनएच विभाग के साथ नगर निगम सभागार मेें एक बैठक भी की थी। मगर कोई ठोस निर्णय न निकल पाने के कारण 26 दिसंबर तक अतिक्रमण की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया था।
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बृहस्पतिवार को नगर निगम सभागार में तहसीलदार रेखा आर्य और एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में व्यापारियों की आयोजित कमेटी के संग पुन: एक बैठक की गई। इस दौरान भरत मंदिर ट्रस्ट के वरुण शर्मा ने अधिशासी अभियंता के समक्ष वर्ष 1905 का नक्शा प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने बताया कि नक्शे के अनुरूप त्रिवेणी घाट से चंद्रभागा पुल तक की रोड पर 80 फीट सड़क पर अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। एनएच के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि दस्तावेजों की संपूर्ण जांच के बाद ही अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू की जानी है। शीघ्र ही दस्तावेजों की जांच को निपटा लिया जाएगा। इस अवसर पर जीएमवीएन उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंघल, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, व्यापार मंडल के महामंत्री ललित मोहन मिश्र, नमामि गंगे संयोजक कपिल गुप्ता, मनमीत सिंह, घनश्याम मेहता, शेखर कुमार, नरेश अग्रवाल, सुभाष कोहली, वत्सल शर्मा, सरदार अमन सिंह, विनीत शर्मा, आशु डंग, नायाब तहसीलदार करण सिंह आदि उपस्थित थे।
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