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उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं को कम करना बड़ी चुनौती : राज्यपाल

Mon, 16 Oct 2023 11:56 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:56 PM IST
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Reducing road accidents in Uttarakhand is a big challenge
एम्स में आयोजित वर्ल्ड ट्राॅमा सप्ताह के अंतर्गत कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल ले. जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं को कम करना बड़ी चुनौती है। एम्स की यह पहल आम लोगों को आघात चिकित्सा के प्रति जागरूक करने और दुर्घटनाओं का कम करने में सफल साबित होगी। राज्यपाल ने एम्स की ड्रोन टेक्नोलॉजी, टेलीमेडिसिन सुविधा और हेली एम्बुलेंस सेवा को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक मिसाल बताया।
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सोमवार को एम्स पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह ने आघात चिकित्सा के प्रति आम लोगों को जागरूक करने की पहल को एम्स ऋषिकेश की दूरदर्शी सोच बताया। कहा कि ट्राॅमा मैनेजमेंट और हेल्थ मैनेजमेंट के क्षेत्र में एम्स ऋषिकेश अपनी विशेष भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को बचाने के लिए शुरुआती एक घंटे का समय महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान घायल व्यक्ति को यदि इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक, तीर्थाटन और पर्यटन के लिए विशेष पहचान रखता है। प्रतिवर्ष करोड़ों लोग यहां सड़क मार्ग से यात्रा करने आते हैं। ऐसे में राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करना बड़ी चुनौती है। राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
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विशिष्ट अतिथि अमेरिका की रटगर यूनिवर्सिटी के ट्राॅमा विभागाध्यक्ष प्रो. मयूर नारायण ने कहा कि ऋषिकेश स्थित एम्स देश का पहला एम्स है जहां दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को हेली एंबुलेंस के माध्यम से बहुत ही कम समय में अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में अधिकतर मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती हैं। ऐसे में एम्स का प्रयास है कि इस प्रकार के आयोजनों से अधिक से अधिक लोगों को ट्राॅमा के प्रति सजग और जागरूक किया जाय।
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12 हजार लोगों को दिया हेल्प लाइन से परामर्श

ट्राॅमा सर्जन डाॅ. मधुर उनियाल ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त प्रत्येक घायल व्यक्ति का जीवन बचाना ही एम्स के ट्राॅमा विभाग का उद्देश्य है। विभाग ने एक वर्ष में जरूरतमंद 12 हजार लोगों को टेली हेल्पलाइन नंबर से आघात चिकित्सा के मामले में चिकित्सीय परामर्श दिया है। इस दौरान 243 घायलों की जान बचाई है। वर्ल्ड ट्राॅमा सप्ताह के आयोजन में प्रतिभाग करने वाले विभिन्न सदस्यों और विभाग में बेहतर सेवाएं देने वाले स्टाफ को पुरस्कृत भी किया गया।







ये रहे कार्यक्रम में मौजूद



कार्यक्रम में एकेडमिक डीन प्रो. जया चतुर्वेदी, डाॅ. भास्कर सरकार, डीडी प्रशासन, ले. कर्नल राकेश कुमार, डाॅ. मनोज गुप्ता, डाॅ. पंकज शर्मा, डाॅ. नम्रता गौड़, एसई. ले. कर्नल राजेश जुयाल, प्रशासनिक अधिकारी गौरव बडोला, विधि अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय, चीफ नर्सिंग अधिकारी रीटा शर्मा, सीनियर लाईब्रेरियन संदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के फेकल्टी सदस्य, डीएनएस, एएनएस और अन्य मौजूद रहे।
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