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Rishikesh News: अब जल संरक्षण व भूजल प्रबंधन पर वैज्ञानिक तरीके से होगा मंथन

Fri, 10 Jul 2026 07:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 07:45 PM IST
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Piezometer being installed at the PLMS campus.
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर में लग रहा पीजोमीटर
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। अब श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के छात्र-शोधार्थी जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और भविष्य की जल सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर वैज्ञानिक शोध कर सकेंगे। राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र और केंद्रीय भूजल बोर्ड के सहयोग से विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में पीजोमीटर स्थापित किया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर, जल गुणवत्ता और मौसमी बदलावों की नियमित निगरानी संभव होगी।
पं. ललित मोहन शर्मा परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र परियोजना के तहत पीजोमीटर स्थापित करने का कार्य शुरू किया गया। कार्य का शुभारंभ राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र, उत्तराखंड के निदेशक डॉ. प्रशांत राय, परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत व विवि के कुलसचिव दिनेश चंद्र ने किया।
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निदेशक प्रो. एमएस रावत ने कहा कि पीजोमीटर की स्थापना से क्षेत्र के भूजल स्तर, जल गुणवत्ता और भूजल में होने वाले मौसमी परिवर्तनों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। इससे प्राप्त आंकड़े जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और भविष्य की जल सुरक्षा संबंधी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।
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साथ ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को व्यावहारिक अध्ययन और अनुसंधान का नया अवसर मिलेगा। कुलसचिव दिनेश चंद्र ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में हमेशा सहयोग करता रहेगा।
राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र, उत्तराखंड के निदेशक डॉ. प्रशांत राय ने कहा कि पीजोमीटर से भूजल की वैज्ञानिक निगरानी मजबूत होगी और जल संसाधनों के संरक्षण व प्रबंधन की योजनाओं को बेहतर आधार मिलेगा। उन्होंने इसे जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
आईक्यूएसी निदेशक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कहा कि पीजोमीटर से प्राप्त आंकड़े शोध कार्यों के साथ-साथ भूजल संरक्षण और जल संसाधन प्रबंधन की योजनाओं के लिए उपयोगी साबित होंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. परवेज अहमद, डॉ. ऋषिता जैन, प्रो. वीडी पाण्डेय, डॉ. गौरव वार्ष्णेय, सहायक कुलसचिव रणविजय सिंह आदि मौजूद रहे।

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क्या है पीजोमीटर
पीजोमीटर एक तरल दाब संवेदक या मैनोमीटर है, जिसका उपयोग तरल पदार्थ (द्रव) का स्थैतिक दबाव मापने के लिए किया जाता है। इसे आमतौर पर भूजल के स्तर, मिट्टी में पानी के दबाव और पाइपलाइनों या टैंकों के अंदर तरल के दबाव की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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