{"_id":"6adb5701912f5a95850759f0","slug":"phaldakot-pumping-drinking-water-scheme-restored-after-11-days-rishikesh-news-c-38-1-rks1003-148010-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: 11 दिन बाद बहाल हुई फल्दाकोट पंपिंग पेयजल योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: 11 दिन बाद बहाल हुई फल्दाकोट पंपिंग पेयजल योजना
Fri, 23 Oct 2026 06:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 23 Oct 2026 06:15 PM IST
विज्ञापन
- सात से अधिक गांवों के ढाई हजार परिवारों ने ली राहत की सांस
- ट्रांसफार्मर नहीं, केबल में था फॉल्ट; तकनीकी टीम ने खराबी दूर कर शुक्रवार सुबह 9:30 बजे शुरू की पंपिंग
यमकेश्वर। विकासखंड की फल्दाकोट पंपिंग पेयजल योजना 11 दिन बाद शुक्रवार को बहाल हो गई। ट्रांसफार्मर फुंकने और केबल में तकनीकी खराबी के कारण ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के करीब 2500 परिवारों को राहत मिली है। इस दौरान कुकरेतीधार, फल्दाकोट तल्ला, फल्दाकोट मल्ला, गणेशपुर, गहली, बिनक, पातली, बासवा और मागथा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों को पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों और गदेरों पर निर्भर रहना पड़ा।
फल्दाकोट पंपिंग पेयजल योजना का ट्रांसफार्मर 13 अक्तूबर को फुंक गया था, जिसके बाद पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। समस्या को देखते हुए जल संस्थान ने ऊर्जा निगम कोटद्वार के अधिकारियों से संपर्क कर ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की। ऊर्जा निगम ने 17 अक्तूबर को दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया, लेकिन इसके बाद भी बार-बार फ्यूज उड़ने की समस्या बनी रही।
इसके बाद 19 अक्तूबर को नया ट्रांसफार्मर भेजा गया, लेकिन केबल में फॉल्ट होने के कारण वह भी काम नहीं कर पाया। लगातार ट्रांसफार्मर खराब होने से विभागीय अधिकारी भी हैरान थे। इसके बाद ऊर्जा निगम की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
विज्ञापन
जांच में सामने आया कि खराबी ट्रांसफार्मर में नहीं, बल्कि ट्रांसफार्मर से पंपिंग स्टेशन में लगे मीटर के बीच बिछी केबल में थी। केबल में फॉल्ट के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा था, जिससे वह बार-बार फुंक रहा था। इसी वजह से पहले बदले गए दोनों ट्रांसफार्मर भी वापस करने पड़े।
तकनीकी टीम ने केबल की खराबी दूर करने के साथ तीसरा ट्रांसफार्मर बदला। इसके बाद शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे से पंपिंग शुरू कर दी गई। योजना बहाल होने से पिछले 11 दिनों से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
- बृहस्पतिवार को फल्दाकोट पंपिंग योजना का फॉल्ट ठीक कर दिया है। बृहस्पतिवार को ही नया ट्रांसफार्मर लगाया गया, पंपिंग योजना में बिजली आपूर्ति सुचारु की गई है। -नंदिता अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार।
विज्ञापन
- ट्रांसफार्मर नहीं, केबल में था फॉल्ट
यमकेश्वर। विकासखंड की फल्दाकोट पंपिंग पेयजल योजना 11 दिन बाद शुक्रवार को बहाल हो गई। ट्रांसफार्मर फुंकने और केबल में तकनीकी खराबी के कारण ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के करीब 2500 परिवारों को राहत मिली है। इस दौरान कुकरेतीधार, फल्दाकोट तल्ला, फल्दाकोट मल्ला, गणेशपुर, गहली, बिनक, पातली, बासवा और मागथा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों को पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों और गदेरों पर निर्भर रहना पड़ा।
फल्दाकोट पंपिंग पेयजल योजना का ट्रांसफार्मर 13 अक्तूबर को फुंक गया था, जिसके बाद पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। समस्या को देखते हुए जल संस्थान ने ऊर्जा निगम कोटद्वार के अधिकारियों से संपर्क कर ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की। ऊर्जा निगम ने 17 अक्तूबर को दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया, लेकिन इसके बाद भी बार-बार फ्यूज उड़ने की समस्या बनी रही।
विज्ञापन
इसके बाद 19 अक्तूबर को नया ट्रांसफार्मर भेजा गया, लेकिन केबल में फॉल्ट होने के कारण वह भी काम नहीं कर पाया। लगातार ट्रांसफार्मर खराब होने से विभागीय अधिकारी भी हैरान थे। इसके बाद ऊर्जा निगम की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
विज्ञापन
जांच में सामने आया कि खराबी ट्रांसफार्मर में नहीं, बल्कि ट्रांसफार्मर से पंपिंग स्टेशन में लगे मीटर के बीच बिछी केबल में थी। केबल में फॉल्ट के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा था, जिससे वह बार-बार फुंक रहा था। इसी वजह से पहले बदले गए दोनों ट्रांसफार्मर भी वापस करने पड़े।
तकनीकी टीम ने केबल की खराबी दूर करने के साथ तीसरा ट्रांसफार्मर बदला। इसके बाद शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे से पंपिंग शुरू कर दी गई। योजना बहाल होने से पिछले 11 दिनों से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
- बृहस्पतिवार को फल्दाकोट पंपिंग योजना का फॉल्ट ठीक कर दिया है। बृहस्पतिवार को ही नया ट्रांसफार्मर लगाया गया, पंपिंग योजना में बिजली आपूर्ति सुचारु की गई है। -नंदिता अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार।