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पार्किंग के नाम पर शिवभक्तों से लूटखसोट
मनोज सिंह राणा /अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Fri, 17 Jun 2016 02:03 AM IST
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पार्किंग
- फोटो : अमर उजाला
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पौड़ी प्रशासन की लापरवाही नीलकंठ धाम आने वाले शिवभक्तों और पर्यटकों पर भारी पड़ रही है। वाहन पार्किंग के नाम पर लक्ष्मणझूला से नीलकंठ तक पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से अवैध वसूली की जा रही है। पार्किंग और टोल टैक्स का शुल्क दो स्थानों पर वसूलने की बात पर्यटक और तीर्थयात्रियों के गले नहीं उतर पा रही है। प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध वसूली के संबंध में कुछ भी स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है। गोलमोल जवाब देकर वे अपना पल्ला झाड़ रहे है।
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लक्ष्मणझूला से नीलकंठधाम तक करीब 18 किमी यात्रा की दूरी शिवभक्तों को वाहनों से तय करनी पड़ती है। इस दौरान वाहनों से शिवधाम आने वाले पर्यटकों को नीलकंठ मोटर मार्ग पर गरुड़ चट्टी में 50 रुपये टोल टैक्स देना पड़ता है। नीलकंठ मंदिर परिसर में शिव भक्तों को वाहन पार्किंग के नाम पर ठेकेदार 40 रूपये शुल्क वसूल कर रहा है। नियम के तहत गरुड़चट्टी पुल पर जिला पंचायत को माल वाहकों से ही टोल टैक्स लेना चाहिए। लेकिन ऐसा न कर जिला पंचायत सभी वाहनों से टोल टैक्स की वसूली कर रही है। पर्यटक और तीर्थयात्री दो-दो स्थानों पर टैक्स वसूली का कई बार विरोध भी कर चुुके है। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
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जिला पंचायत के मानकों की उड़ रही धज्जियां
मुनिकीरेती। नीलकंठ मंदिर परिसर में पार्किंग ठेकेदार जिला पंचायत पौडी के मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यहां बिना टे ंडर प्रक्रिया से स्थानीय ठेकेदार ग्राम पंचायत पार्किंग के नाम पर शिवभक्तों से लूटखसोट कर रहा है।
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सुविधाओं के नाम पर सब शून्य
मुनिकीरेती। जिला पंचायत पौड़ी जहां पर्यटकों से दो जगह अवैध पार्किंग वसूली कर रहा है। वहीं यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोगों को मंदिर परिसर में पेयजल, सफाई व्यवस्था, शौचालय आदि कई तरह की अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में ठेकेदार पर्यटकों को सुविधा देने के बजाय अपनी जेब भरने का काम कर रहे हैं।
पर्यटक और तीर्थयात्रियों से दो स्थानों पर टैक्स लेने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो जिला पंचायत से जानकारी लेने के बाद इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
-गोपालराम बिनवाल, उपजिलाधिकारी कोटद्वार।
नीलकंठ में जो पार्किंग वसूली की जा रही है वो जिला पंचायत के अंतर्गत नहीं वसूली जा रही है। कौन अवैध पार्किंग शुल्क वसूल रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
-गीता राणा, भादसी जिला पंचायत सदस्य।