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Rishikesh News: बारिश और ओलावृष्टि से धान-गन्ने की फसल बरबाद, किसान मायूस
Fri, 09 Oct 2026 06:59 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 09 Oct 2026 06:59 PM IST
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- डोईवाला ब्लॉक में 1200 हेक्टेयर में धान और 100 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई, खेतों में गिरी फसलें, किसानों ने की मुआवजे की मांग
- बारिश से खेतों में खड़ी और कटी धान की फसल सड़ने की कगार पर
जौलीग्रांट। क्षेत्र में पिछले करीब पांच दिनों से लगातार खराब मौसम, बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से धान, गन्ने और मंडुवे की फसल को नुकसान पहुंचा है। डोईवाला ब्लॉक में करीब 1200 हेक्टेयर में धान और 100 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई की गई है। फसल कटाई के समय मौसम की मार पड़ने से किसान आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण धान और गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। ओलावृष्टि से धान की बालियों से दाने टूटकर खेतों में बिखर गए हैं, जिससे बालियों में कम दाने रह गए हैं। कई किसानों ने धान काटकर खेतों में सूखने के लिए छोड़ा था, लेकिन लगातार बारिश से फसल भीगकर काली पड़ने लगी है। इससे धान की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। इस बार गन्ने की फसल अच्छी होने से किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन तेज हवाओं से फसल आड़ी-तिरछी गिर गई है। इससे गन्ने के वजन में कमी आने के साथ कटाई में भी परेशानी होगी। गिरे हुए गन्ने में चूहों से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
किसान आदेश कृषाली ने बताया कि उन्होंने कई बीघा भूमि में धान और गन्ने की बुआई की थी। फसल कटाई के समय मौसम की मार से दोनों फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे वह और अन्य किसान मायूस हैं। किसान मीरा देवी ने कहा कि कटी हुई धान की फसल सड़ने की कगार पर है, जबकि ओलावृष्टि से खड़ी फसल के दाने खेतों में बिखर गए हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि इस मुश्किल समय में कृषि विभाग और शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिल रही है। उन्होंने फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम खराब बने रहने की संभावना है।
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-- बेमौसम बारिश से धान और गन्ने की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं से गन्ने की फसल और धान की फसल गिरी है। वहीं भारी ओलावृष्टि से धान की खड़ी फसल से दाना खेतों में भी झड़ गया है। किसान परेशान और काफी मायूस है। डीएस असवाल, कृर्षि विशेषज्ञ
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- बारिश से खेतों में खड़ी और कटी धान की फसल सड़ने की कगार पर
जौलीग्रांट। क्षेत्र में पिछले करीब पांच दिनों से लगातार खराब मौसम, बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से धान, गन्ने और मंडुवे की फसल को नुकसान पहुंचा है। डोईवाला ब्लॉक में करीब 1200 हेक्टेयर में धान और 100 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई की गई है। फसल कटाई के समय मौसम की मार पड़ने से किसान आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण धान और गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। ओलावृष्टि से धान की बालियों से दाने टूटकर खेतों में बिखर गए हैं, जिससे बालियों में कम दाने रह गए हैं। कई किसानों ने धान काटकर खेतों में सूखने के लिए छोड़ा था, लेकिन लगातार बारिश से फसल भीगकर काली पड़ने लगी है। इससे धान की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। इस बार गन्ने की फसल अच्छी होने से किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन तेज हवाओं से फसल आड़ी-तिरछी गिर गई है। इससे गन्ने के वजन में कमी आने के साथ कटाई में भी परेशानी होगी। गिरे हुए गन्ने में चूहों से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
किसान आदेश कृषाली ने बताया कि उन्होंने कई बीघा भूमि में धान और गन्ने की बुआई की थी। फसल कटाई के समय मौसम की मार से दोनों फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे वह और अन्य किसान मायूस हैं। किसान मीरा देवी ने कहा कि कटी हुई धान की फसल सड़ने की कगार पर है, जबकि ओलावृष्टि से खड़ी फसल के दाने खेतों में बिखर गए हैं।
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किसानों ने आरोप लगाया कि इस मुश्किल समय में कृषि विभाग और शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिल रही है। उन्होंने फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम खराब बने रहने की संभावना है।
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