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करंट की चपेट में आने से सांड़ की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:39 AM IST
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तीर्थनगरी के स्वर्गाश्रम क्षेत्र में अर्द्धकुंभ मेला प्रशासन की लापरवाही बेजुबान मवेशियों की जान पर भारी पड़ रही है। कुंभ मेला प्रशासन की ओर से विद्युतीकरण के लिए चयनित की गई एजेंसी की कोताही के चलते स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन क्षेत्र में रविवार देर शाम खुले तार से करंट की चपेट में आने से एक तीर्थयात्री बाल-बाल बच गया।
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जबकि, करंट की चपेट में आने से वहीं घूम रहे एक सांड़ की मौत हो गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने ऊर्जा निगम कार्यालय को सूचना देकर मौके पर विद्युत आपूर्ति बंद कराई। अर्द्धकुुंभ मेले में व्यवस्थाओं को लेकर मेला प्रशासन गंभीर नहीं है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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तीर्थनगरी का तीर्थ क्षेत्र लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम कुंभ मेले के तहत की गई चाइनीज लाइटिंग व्यवस्था से जगमगा रहा है। लेकिन क्षेत्र में रात के समय विद्युतीकरण से आकर्षण पैदा करने के फेर में संबंधित विभाग ने जगह-जगह बिजली के तारों को नंगा छोड़ दिया है। इससे कभी भी किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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विभागीय लापरवाही के चलते रविवार देर शाम एक सांड़ खुली तारों की चपेट में आ गया। इस दौरान सांड़ को बचाने के चक्कर में एक तीर्थयात्री की जान बाल-बाल बच गई। इस तरह की लापरवाही से स्थानीय लोगों में मेला प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय निवासी किशन राजपूत ने बताया कि स्वर्गाश्रम क्षेत्र में मेला प्रशासन की ओर से कई जगह बिजली की तारें खुली छोड़ दी गई हैं। इनसे खतरे की आशंका के मद्देनजर कई बार सुरक्षात्मक उपाय के लिए मेला प्रशासन को कहा जा चुका है। लेकिन विभाग और प्रशासन के नुमाइंदे लापरवाह बने हुए हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि मेला प्रशासन और बिजली का कार्य कर रही एजेंसी ने कोताही बंद नहीं की तो मेला काल में अधिक भीड़भाड़ होने पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह की लापरवाही बरती गई है तो लाइटिंग का कार्य करने वाली संबंधित एजेंसी को निर्देशित कर समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा-अवधेश कुमार, अपर मेलाधिकारी, अर्द्धकुंभ मेला