फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   ... Now the country is unknown

...अब यह देश हुआ बेगाना

Sat, 24 Dec 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश।
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश। Updated Sat, 24 Dec 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
... Now the country is unknown
river rishikesh - फोटो : amar ujala

नोटबंदी को 46 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक अधिकतर बैंक और एटीएम कैशलेस हैं। गिने-चुने एटीएम पर लंबी कतारें हैं और सिर्फ दो हजार रुपये ही निकल रहे हैं। बैंक सिर्फ अपने ग्राहकों को कैश दे रहे हैं। बैंक और एटीएम से पर्याप्त रुपये न मिलने से विदेशी पर्यटक खासे परेशान हैं।

विज्ञापन


रुपये न होने की वजह से तीर्थ नगरी घूमने आए विदेशी पर्यटक स्वदेश लौटने लगे हैं। अमूमन तीर्थ नगरी सालभर विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहती है। पर्यटकों के लौटने की वजह से तीर्थ नगरी लक्ष्मण झूला, स्वर्गाश्रम और तपोवन क्षेत्र के दुकानदार परेशान हैं।
विज्ञापन



स्थानीय अभिसूचना इकाई के आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष की अपेक्षा इस साल विदेशी पर्यटकों की संख्या में 50 फीसदी गिरावट आई है। दरअसल पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट चलन से बाहर होने के बाद से हर वर्ग परेशान है। 46 दिन से आम जनता एटीएम की लाइन में लग रही है, लेकिन राहत नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसका असर तीर्थ नगरी में भी देखा जा सकता है। बैंकों से रुपये नेे मिलने और एटीएम खाली होने से स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटक भी परेशान हैं। ऐसे में उन्हें तीर्थ नगरी छोड़कर जाना पड़ रहा है। विदेशी पर्यटकों के पलायन से स्थानीय व्यापारी मायूस हैं।

मुनिकीरेती अभिसूचना ईकाई के रिकार्ड के मुताबिक नवंबर 2015 में लक्ष्मण झूला, तपोवन में विदेशी पर्यटकों की संख्या 1600 और दिसंबर में 914 थी। नवंबर 2016 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 1352 और दिसंबर महीने के अब तक 600 है। दिसंबर में करीब 314 पर्यटकों में कमी आई है।


लक्ष्मण झूला अभिसूचना इकाई के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। नवबंर 2015 में लक्ष्मण झूला,स्वर्गाश्रम क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की संख्या 1000 और दिसबंर में 800 थी। नवंबर 2016 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 550 और दिसंबर में 300 रह गई है।


ब्राजील निवासी मैनी और एंजिलिना ने बताया कि वह तीर्थ नगरी लक्ष्मण झूला में योग की शिक्षा लेने आए थे। यहां नोटबंदी के कारण वह इसका लाभ नहीं उठा पाए। घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी एटीएम से केवल दो हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। कई बार तो एटीएम कैशलेस हैं। सर्वर डाउन से ई-पेमेंट प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। इस स्थिति में सुधार होने के बाद मौका मिलेगा तो वह दोबारा तीर्थनगरी आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed