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सि को कानोंकान नहीं लगी चोरी की खबर, पुलिस ने कर दिया खुलासा
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ऋषिकेश। कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर में कंस्ट्रक्शन कारोबारी के यहां 30 लाख की की चोरी हो गई, लेकिन पुलिस ने घटना की भनक किसी को नहीं लगने दी। छह दिनों तक पुलिस ने घटना को छिपा रखा। जब एसपी देहात ने चोरी का खुलासा किया तो चोरी की घटना से पर्दा उठा। आरोपियों को पकड़ने में कामयाब होने के बाद पुलिस अब अपनी पीठ स्वयं ही थपथपा रही है।
23 नवंबर की शाम को कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर में लाखों की चोरी की घटना की चर्चा ने जोर पकड़ा था। पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने से इंकार कर दिया था। यहां तक कि पुलिस इसको अफवाह तक करार देने लगी। 25 नवंबर को मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन तब भी पुलिस ने किसी को मुकदमा दर्ज होने की कानोंकान खबर नहीं लगने दी, जबकि छोटी मोटी चोरी या वारंटी को गिरफ्तार करने पर कोतवाली पुलिस खूब सुर्खियां बटोरने की कोशिश करती है। 26 नवंबर को जब एसएसपी जन्मजेय खंडूरी कोतवाली क्षेत्र में मौजूद थे। तब अचानक पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी जन्मजेय खंडूरी स्वयं घटना का खुलासा करने वाले थे। लेकिन ऐन मौके पर उनका ऋषिकेश कोतवाली पहुंचने का कार्यक्रम टल गया।
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चोरी की रकम पर भी बड़ा सवाल
पुलिस को दी तहरीर में कंस्ट्रक्शन कारोबारी ने बताया कि उनके कार्यालय की अलमारी से 30 लाख 33 हजार की रकम चोरी हुई थी। वहीं मुख्य आरोपी दिनेश रावत ने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि उन्होंने चोरी की रकम में से आठ से 10 हजार रुपये खर्च के लिए अलग निकाल लिए थे। इसके बाद 22 लाख की नकदी में से 15 लाख दिनेश ने अपने पास रखे थे और सात लाख रुपये अपने साले पंकज को दे दिए थे। कारोबारी की बताई गई रकम और पुलिस बरामद रकम में आठ लाख का अंतर है। वहीं आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने केवल अलग से निकाले गए आठ से 10 हजार रुपये खर्च किए हैं।
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वर्जन
घटना बहुत बड़ी थी। अगर चोरी की घटना की सूचना आम हो जाती तो चोर सतर्क हो जाते। पुलिस ने गोपनीयता बनाते हुए बेहद सधे हुए ढंग से घटना की पड़ताल की, इसलिए कम समय में पुलिस चोरों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही।
-डीसी ढौंडियाल, सीओ, ऋषिकेश
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23 नवंबर की शाम को कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर में लाखों की चोरी की घटना की चर्चा ने जोर पकड़ा था। पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने से इंकार कर दिया था। यहां तक कि पुलिस इसको अफवाह तक करार देने लगी। 25 नवंबर को मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन तब भी पुलिस ने किसी को मुकदमा दर्ज होने की कानोंकान खबर नहीं लगने दी, जबकि छोटी मोटी चोरी या वारंटी को गिरफ्तार करने पर कोतवाली पुलिस खूब सुर्खियां बटोरने की कोशिश करती है। 26 नवंबर को जब एसएसपी जन्मजेय खंडूरी कोतवाली क्षेत्र में मौजूद थे। तब अचानक पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी जन्मजेय खंडूरी स्वयं घटना का खुलासा करने वाले थे। लेकिन ऐन मौके पर उनका ऋषिकेश कोतवाली पहुंचने का कार्यक्रम टल गया।
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चोरी की रकम पर भी बड़ा सवाल
पुलिस को दी तहरीर में कंस्ट्रक्शन कारोबारी ने बताया कि उनके कार्यालय की अलमारी से 30 लाख 33 हजार की रकम चोरी हुई थी। वहीं मुख्य आरोपी दिनेश रावत ने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि उन्होंने चोरी की रकम में से आठ से 10 हजार रुपये खर्च के लिए अलग निकाल लिए थे। इसके बाद 22 लाख की नकदी में से 15 लाख दिनेश ने अपने पास रखे थे और सात लाख रुपये अपने साले पंकज को दे दिए थे। कारोबारी की बताई गई रकम और पुलिस बरामद रकम में आठ लाख का अंतर है। वहीं आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने केवल अलग से निकाले गए आठ से 10 हजार रुपये खर्च किए हैं।
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वर्जन
घटना बहुत बड़ी थी। अगर चोरी की घटना की सूचना आम हो जाती तो चोर सतर्क हो जाते। पुलिस ने गोपनीयता बनाते हुए बेहद सधे हुए ढंग से घटना की पड़ताल की, इसलिए कम समय में पुलिस चोरों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही।
-डीसी ढौंडियाल, सीओ, ऋषिकेश