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सरकार से आश्वासन मिला, जमीन नहीं

Wed, 10 Feb 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश Updated Wed, 10 Feb 2016 01:31 AM IST
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no land to government

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की संपूर्ण स्थापना के लिए राज्य सरकार से पर्याप्त भूमि नहीं मिल पा रही है। एम्स प्रशासन की मानें तो संस्थान में अवशेष सभी विभागों की स्थापना के लिए लगभग 200 एकड़ भूमि की मांग का प्रस्ताव है। प्रथम चरण में राज्य सरकार ने 101 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी।

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इसके बाद अवशेष भूमि उपलब्ध कराने को सरकार से आश्वासन तो मिले, लेकिन जमीन नहीं। लिहाजा आयुर्वेदिक रिसर्च सेंटर, कैंसर, नेत्र समेत अन्य अनुसंधान केंद्रों की स्थापना का कार्य अटक गया है। भूमि की उपलब्धता के मामले में राज्य का रुख पहले जैसा ही रहा तो उत्तराखंड में एम्स संस्थान की समग्र स्थापना संभव नहीं लगती।
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भविष्य में संस्थान के विस्तारीकरण के लिए कुल 300 एकड़ भूमि की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में एम्स की ऋषिकेश शाखा में जरूरी चिकित्सकीय और अनुसंधान केंद्रों के खुलने की संभावना कम ही लगती है। मामले में राज्य शासन की उदासीनता का आलम यह है कि वर्ष 2012 से अब तक संस्थान प्रशासन उत्तराखंड सरकार से भूमि दिलाने की मांग करता आ रहा है, मगर अभी तक इस दिशा में शासन स्तर पर कार्रवाई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई।
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इतना ही नहीं केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से तीन साल पूर्व उत्तराखंड सरकार को भेजे गए भूमि उपलब्धता संबंधी प्रस्ताव पर भी राज्य सरकार अमल नहीं कर पाई। जिसमें एम्स विस्तारीकरण के लिए जरुरी 100 एकड़ भूमि के सापेक्ष फिलहाल 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया था। ऐसे में संपूर्ण एम्स परियोजना का यहां निर्माण हो पाना फिलहाल असंभव सा लगता है।


सरकार ने जमीन ढुंढवाई, दी नहीं  
एम्स प्रशासन की मानें तो 2012 में जब एम्स के विस्तारीकरण के लिए जरूरी 100 एकड़ भूमि का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया, तो शासन से उल्टे एम्स प्रशासन से खाली भूमि ढूंढकर प्रस्ताव देने को कहा गया। इस पर एम्स प्रशासन ने सरकार को दोबारा प्रस्ताव भेजा, जिसमें आईडीपीएल की खाली भूमि और ऋषिकेश वन रेंज के अंतर्गत लाल पानी बीट क्षेत्र की भूमि को चिह्नित कर प्रस्ताव दिया गया।

लेकिन इसके तीन साल बाद भी उत्तराखंड सरकार वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया तक शुरू नहीं करा पाई है।  


स्वीकृत योजना, जिसके लिए भूमि नहीं
-सुपर स्पेशलिटी सेंटर एम्स के प्लान में शामिल
-फैकल्टी हाउस-100
-गर्ल्स हॉस्टल-स्वीकृत


विस्तारीकरण में यह सब शामिल
एम्स प्रशासन संस्थान के विस्तारीकरण के लिए जिस 100 एकड़ भूमि की मांग कर रहा है उसमें स्कूल कैंपस, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, रिसर्च सेंटर, हॉबी सेंटर, कैंसर सेंटर, आई रिसर्च सेंटर, आयुर्वेदिक रिसर्च सेंटर समेत 60 डिपार्टमेंट शामिल हैं। इन सब के बनने के बाद ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की संपूर्ण परियोजना धरातल पर उतर पाएगी।  



इनके लिए भी चाहिए भूमि
एम्स कैंपस में बैंक, कम्यूनिटी सेंटर, पेसेंट रिलेशन एकोमंडेशन, स्कूल, फायर स्टेशन, पुलिस चौकी, टेलीफोन एक्सचेंज, एटीएम आदि सुविधाएं।


भविष्य में एम्स के विस्तारीकरण के लिए कुल 300 एकड़ भूमि की आवश्यकता पड़ेगी। इस वक्त आवश्यकता 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि की है, जिसमें महत्वपूर्ण विभागों को स्थापित किया जाना है। सरकार ने फिलहाल 101 एकड़ भूमि दी है, जबकि 100 एकड़ भूमि का प्रस्ताव 2012 से राज्य सरकार के पास लंबित है।-प्रोफेसर डॉ. राजकुमार, निदेशक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश

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