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एनजीटी के नियम दरकिनार कर हो रहा अवैध निर्माण

Sun, 16 Oct 2016 01:57 AM IST
rishikesh
rishikesh Updated Sun, 16 Oct 2016 01:57 AM IST
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NGT rules are ignored illegal construction
अवैध निर्माण - फोटो : amar ujala

तीर्थनगरी में एनजीटी के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। गंगा और उसकी सहायक नदी-नालों में किसी भी प्रकार के निर्माण में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की रोक के बाद भी अवैैध निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं। पिछले माह राजस्व विभाग से हुए अधिकारियों के तबादले के बाद अवैध निर्माण कार्यो की गति ने तेजी पकड़ ली है।

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गंगा की स्वच्छता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गंगा और उसकी सहायक नदियों के सौ मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण रोक लगाई है। बावजूद इसके रायवाला, प्रतीतनगर, गौहरीमाफी में नदी-नालों को पाटकर अवैध निर्माण हो रहा है। ऐसा नहीं है कि शासन-प्रशासन को गंगा की सहायक नदियों किनारे अवैध निर्माण की जानकारी न हो। लेकिन, हर बार जिम्मेदार अधिकारी उचित कार्रवाई की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी की रस्म अदायगी कर देते हैं। 
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कई बार ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। लेकिन, हर बार जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता दिगंबर गौनियाल, सब्बल सिंह, कृर्ति सिंह, देवेंद्र सेमवाल ने अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। 
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अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त
मामला संज्ञान में नहीं है। नदी-नालों किनारे किसी भी तरह का निर्माण अवैध है। मौके पर जाकर देखा जाएगा। नियम विरुद्ध बनाए जा रहे निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। - बृजेश कुमार तिवारी, एसडीएम ऋषिकेश

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