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सुरक्षा दीवार न बनाई, तो फिर मचेगी तबाही

Tue, 28 Jun 2016 01:59 AM IST
अनिल नवानी /अमर उजाला, ऋषिकेश
अनिल नवानी /अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Tue, 28 Jun 2016 01:59 AM IST
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Neither the security wall built, then, could cause havoc
पालीटेक्निक की चहारदीवारी साल 2013 में आई दैवी में बह गई - फोटो : अमर उजाला

देश के लिए इंजीनियर तैयार करने वाला खदरी का पालीटेक्निक की चहारदीवारी साल 2013 में आई दैवी में बह गई। तब से यहां सुरक्षा दीवार न बनने से यहां 137 छात्र-छात्राएं खौफ के साए में पढ़ाई करते है। जबकि कभी भी बाढ़ आने के डर से दोनों हास्टल भी बंद है। जिस कारण छात्र-छात्राओं को महंगा किराए के मकान में रहना पड़ता है।

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सुरक्षा दीवार और अन्य निर्माण को शासन को सात करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया, पर सरकार ने यह कहकर प्रस्ताव को निरस्त कर दिया कि इतनी धनराशि में दूसरा भवन बनाया जा सकता है। कालेज प्रशासन, छात्र और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने जब बजट स्वीकृत नहीं किया तो कालेज को कही और शिफ्ट किया जाना चाहिए था।
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युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हुनरमंद बनाने के लिए एक दशक पहले खदरी में पालीटेक्निक का निर्माण हुआ था। पालीटेक्निक की स्वीकृति पास के ही गढ़ी गांव के लिए मिली थी। लेकिन राजनीति में ऊंची पहुंच रखने वालों ने अपने हितों को देखते हुए पालीटेक्निक का भवन खदरी में गंगा नदी किनारे बनवा दिया। चार साल पहले बरसात में गंगा में आई बाढ़ का पानी इस इमारत के अंदर जा घुस गया था। चारों ओर से चहारदीवारी को बहा ले गया।
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इतना ही नहीं उस समय कई छात्र बाढ़ के चलते हॉस्टल में ही फंस गए थे। काफी प्रयास कर उनको इमारत से बाहर निकाला गया था। ऊपरी मंजिल तक कमरों में रेत के ढेर लग गए थे। सरकार के प्रस्ताव अस्वीकृत करने से फिर से यहां तबाही के डर से छात्र और कालेज स्टाफ भयभीत है। क्योंकि पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश से इन दिनों धीरे-धीरे गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है। छात्रों को इस बात की चिंता सता रही है कि कही फिर से गंगा का जल स्तर बढ़कर कॉलेज परिसर को अपने आगोश में न ले ले।


शासन को कमेटी गठित कर दोबारा स्टीमेट बनाना चाहिए।  जो कार्य जरूरी हैं उनको प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तो ये जनहित में बेहतर होगा। बाढ़ आने के बाद से काफी कार्य किया गया है। अन्य जो भी निर्माण होने है वे सभी शासन स्तर से संभव है।
सुनील कुमार, प्राचार्य पालीटेक्निक खदरी

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