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Rishikesh News: एनसीवीटी की मान्यता की फाइल अटकी, छात्र संख्या मात्र दो रह गई

Mon, 22 Jan 2024 01:16 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jan 2024 01:16 AM IST
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NCVT to government ITI Gandkhal of Yamkeshwar
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Iगैंडखाल आईटीआई : वेल्डिंग और सिलाई कटिंग के चलते हैं ट्रेड, 13 साल से मान्यता का इंतजार
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Iवर्ष 2010 में गैंडखाल में शुरू हुई थी आईटीआईI



पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के राजकीय आईटीआई गैंडखाल को एनसीवीटी (नेशनल काउंसिल फाॅर वोकेशनल ट्रेनिंग) की 13 साल बाद भी मान्यता नहीं मिल सकी है। मान्यता की फाइल हल्द्वानी स्थित प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय में लटकी है। एनसीवीटी की मान्यता न मिलने के कारण का यहां वेल्डर के ट्रेड में छात्रसंख्या मात्र दो रह गई है।



वर्ष 2010 गैंडखाल में आईटीआई की मान्यता मिली थी। करीब छह वर्ष तक आईटीआई किराये के भवन में चलता रहा। 2016 में आईटीआई का नया भवन बनकर तैयार हुआ। भवन में सड़क, बिजली, पानी की सुविधा न होने के कारण एससीवीटी (स्टेट काउंसिल फाॅर वोकेशनल ट्रेनिंग) की ओर से ओर से आईटीआई की रिपोर्ट एनसीवीटी की मान्यता के लिए नहीं भेजी गई। एक साल पहले आईटीआई भवन में बिजली और पानी की सुविधा हो चुकी हैं। जबकि रोड करीब आठ साल पहले पहुंच चुकी है।
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आईटीआई में वर्तमान में वेल्डर और सिलाई कटिंग ट्रेड संचालित हो रहे हैं। यह ट्रेड (एससीवीटी) से मान्यता प्राप्त हैं। सिलाई कटिंग में करीब 15 छात्र हैं। जबकि वेल्डर वाले ट्रेड में महज दो छात्र रह गए हैं।
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Iराजकीय आईटीआई गैंडखाल के एनसीवीटी की मान्यता के लिए फाइल बनाकर हल्द्वानी स्थित प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय को भेजी गई है। मान्यता कब तक मिलेगी, कुछ नहीं कहा जा सकता। - संजीव कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई गैंडखालI
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