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Rishikesh News: सनातन संस्कृति की जीवनशैली है प्रकृति संरक्षण

Tue, 28 Jul 2026 09:28 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 09:28 PM IST
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Nature conservation is the lifestyle of Sanatan culture.
ऋषिकेश। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर मंगलवार को परमार्थ निकेतन में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि प्रकृति बचेगी, तभी मानवता बचेगी। वृक्ष केवल पृथ्वी का हरित आभूषण नहीं बल्कि मानव चेतना की श्वास हैं। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि प्रकृति संरक्षण कोई नया विचार नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की जीवनशैली है। भारतीय दर्शन ने हजारों वर्ष पहले ही पृथ्वी को माता का स्वरूप मानकर उसके संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य प्रकृति को केवल संसाधन समझता है तो उसका शोषण शुरू होता है लेकिन जब उसे माता मानता है तो संरक्षण स्वतः जीवन का हिस्सा बन जाता है।
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