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पुत्र की जान बचाने के लिए मां ने दी किडनी
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डोईवाला। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट किडनी का सफल ट्रांसप्लांट हुआ जिसमें मां ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दी। अस्पताल के चिकित्सकों की अथक प्रयासों से ट्रांसप्लांट पूरी तरह से सफल हुआ। मां और बेटे दोनेे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
उत्तर प्रदेश निवासी सुखबीरी देवी के बेटे पवन की दोनों किडनियां खराब हो गई थी। अपने बेटे को बचाने के लिए सुखबीरी ने बेटे को एक किडनी दान की। सुखवीरी देवी का पुत्र पवन (45) की दोनों किडनियां खराब हो गई थी। जिसकी वजह से उसके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी। दोनों किडनी खराब होने पर पवन पिछले काफी समय से डायलिसिस पर थे। इस कारण पवन का दिल भी कमजोर हो गया। परिजनों ने जब पवन को हिमालयन अस्पताल में जब नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विकास चंदेल को दिखाया तो उन्होंने पवन की सभी दिक्कतों को ट्रांसप्लांट टीम के समक्ष रखा। इसके बाद टीम के सर्जन डॉ.किम जे मामेन, डॉ. राजीव सरपाल, डॉ. शिखर अग्रवाल, डॉ. कर्मवीर सिंह, फिजिशियन डॉ.शहबाज अहमद, डॉ.विकास चंदेल, डॉ. रघुवंशी, डॉ. प्राची काला,डॉ. ममता, डॉ. विनायक, डॉ. वीना अस्थाना, डॉ. निधि कुमार, डॉ. दिव्या अग्रवाल, डॉ. गुरजीत खुराना, डॉ. हरीश कोश्यारी और कार्डियोलाजिस्ट डॉ. कुनाल गुरूरानी की देखरेख में पवन का सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। एसआरएचयू कुलपति डॉ. विजय धस्माना और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एसएल जेठानी ने सफल किडनी ट्रांसप्लांट होने पर पूरी टीम को शुभकामनाएं दी। कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एकमात्र विश्व स्तरीय संस्थान है।
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उत्तर प्रदेश निवासी सुखबीरी देवी के बेटे पवन की दोनों किडनियां खराब हो गई थी। अपने बेटे को बचाने के लिए सुखबीरी ने बेटे को एक किडनी दान की। सुखवीरी देवी का पुत्र पवन (45) की दोनों किडनियां खराब हो गई थी। जिसकी वजह से उसके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी। दोनों किडनी खराब होने पर पवन पिछले काफी समय से डायलिसिस पर थे। इस कारण पवन का दिल भी कमजोर हो गया। परिजनों ने जब पवन को हिमालयन अस्पताल में जब नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विकास चंदेल को दिखाया तो उन्होंने पवन की सभी दिक्कतों को ट्रांसप्लांट टीम के समक्ष रखा। इसके बाद टीम के सर्जन डॉ.किम जे मामेन, डॉ. राजीव सरपाल, डॉ. शिखर अग्रवाल, डॉ. कर्मवीर सिंह, फिजिशियन डॉ.शहबाज अहमद, डॉ.विकास चंदेल, डॉ. रघुवंशी, डॉ. प्राची काला,डॉ. ममता, डॉ. विनायक, डॉ. वीना अस्थाना, डॉ. निधि कुमार, डॉ. दिव्या अग्रवाल, डॉ. गुरजीत खुराना, डॉ. हरीश कोश्यारी और कार्डियोलाजिस्ट डॉ. कुनाल गुरूरानी की देखरेख में पवन का सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। एसआरएचयू कुलपति डॉ. विजय धस्माना और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एसएल जेठानी ने सफल किडनी ट्रांसप्लांट होने पर पूरी टीम को शुभकामनाएं दी। कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एकमात्र विश्व स्तरीय संस्थान है।
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