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प्रमाण पत्र मिलने के बाद तीन साल तक होगी निगरानी

Sun, 06 Mar 2022 12:20 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 12:20 AM IST
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Monitoring will be done for three years after getting the certificate
04 एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों से वार्ता करतीं उत्तराखंड की एनएचएम निदेशक सरोज नैथा? - फोटो : RISHIKESH
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस )के तहत एसपीएस राजकीय अस्पताल का चयन किया गया है। अगर अस्पताल को एनक्यूएएस का प्रमाण पत्र मिल जाता है तो अस्पताल को मौजूदा चिकित्सा सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए अगले तीन साल तक अस्पताल की निगरानी होगी।
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10 मार्च को एनक्यूएएस की टीम एसपीएस राजकीय अस्पताल का निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। इस दौरान केंद्रीय टीम अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से दी गई रिपोर्ट और दावों की हकीकत की जांच करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल को अच्छी ग्रेडिंग मिली है। एनएचएम की उत्तराखंड निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि अस्पताल के निरीक्षण और व्यवस्थाओं की जांच के बाद एनक्यूएएस की टीम प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर अंतिम निर्णय लेगी। अगर अस्पताल को प्रमाण पत्र मिल जाता है तो अगले तीन सालों तक एनक्यूएएस की टीम अस्पताल की लगातार निगरानी करेगी। इस बीच टीम अस्पताल का कई बार निरीक्षण भी करेगी। तीन सालों के दौरान यह देखा जाएगा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं गुणवत्ता में कहीं कमी तो नहीं आई है। इसी के आधार पर मौजूदा चिकित्सा व्यवस्थाओं के लिए अस्पताल को बजट जारी किया जाएगा। डॉ. सरोज नैथानी ने कहा कि हालांकि अस्पताल में सीमित चिकित्सक या व्यवस्थाएं हैं। इसलिए अस्पताल को बड़ा बजट नहीं मिल पाएगा। लेकिन अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं में जरूर सुधार होगा।
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