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Rishikesh News: श्रवण लीला से माता पिता की सेवा का दिया संदेश
Mon, 12 Oct 2026 05:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 12 Oct 2026 05:52 PM IST
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-चौदहबीघा में रामलीला का पहला दिन, श्रवण लीला से माता पिता की सेवा का दिया संदेश
ऋषिकेश। मां गंगा रामलीला समिति चौदह बीघा, मुनि की रेती की ओर से आयोजित रामलीला मंचन की शुरुआत हो गई। सोमवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल गणेश वंदना के बाद रिबन काटकर रामलीला की शुरुआत की। पहले दिन गणेश वंदना, रावण तप लीला, कैलाश लीला, श्रवण लीला का भव्य मंचन किया गया। इन लीलाओं ने दर्शकों को भक्ति, धर्म और जीवन के उच्च आदर्शों से जोड़ने का संदेश दिया। श्रवण लीला ने माता पिता के प्रति कर्तव्य और सेवा भाव का मार्मिक संदेश दिया। आज के समाज में जहां कुछ लोग अपने वृद्ध माता पिता को असहाय अवस्था में अकेला छोड़ देते हैं। वहीं श्रवण कुमार का जीवन हमें सिखाता है कि माता-पिता केवल हमारे जन्मदाता ही नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों की नींव हैं। उनका बुढ़ापा हमारी जिम्मेदारी है। कठिन परिस्थितियों में भी उनकी सेवा करना, उन्हें सम्मान देना और उनका सहारा बनना ही सच्चे संस्कार हैं। रामलीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।
इस अवसर पर गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, देवेंद्र दत्त जोशी, मनोज मलासी, प्रदीप सकलानी, अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, जितेंद्र उनियाल, संजय पांजा, विकास उपाध्याय, गंगा रावत आदि उपस्थित रहे।
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ऋषिकेश। मां गंगा रामलीला समिति चौदह बीघा, मुनि की रेती की ओर से आयोजित रामलीला मंचन की शुरुआत हो गई। सोमवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल गणेश वंदना के बाद रिबन काटकर रामलीला की शुरुआत की। पहले दिन गणेश वंदना, रावण तप लीला, कैलाश लीला, श्रवण लीला का भव्य मंचन किया गया। इन लीलाओं ने दर्शकों को भक्ति, धर्म और जीवन के उच्च आदर्शों से जोड़ने का संदेश दिया। श्रवण लीला ने माता पिता के प्रति कर्तव्य और सेवा भाव का मार्मिक संदेश दिया। आज के समाज में जहां कुछ लोग अपने वृद्ध माता पिता को असहाय अवस्था में अकेला छोड़ देते हैं। वहीं श्रवण कुमार का जीवन हमें सिखाता है कि माता-पिता केवल हमारे जन्मदाता ही नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों की नींव हैं। उनका बुढ़ापा हमारी जिम्मेदारी है। कठिन परिस्थितियों में भी उनकी सेवा करना, उन्हें सम्मान देना और उनका सहारा बनना ही सच्चे संस्कार हैं। रामलीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।
इस अवसर पर गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, देवेंद्र दत्त जोशी, मनोज मलासी, प्रदीप सकलानी, अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, जितेंद्र उनियाल, संजय पांजा, विकास उपाध्याय, गंगा रावत आदि उपस्थित रहे।
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