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Rishikesh News: अधिवक्ता की सदस्यता एक वर्ष के लिए निलंबित
Wed, 07 May 2025 12:55 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 07 May 2025 12:55 AM IST
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बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की अनुशासन समिति ने ऋषिकेश के एक अधिवक्ता की सदस्यता एक वर्ष के लिए निलंबित की है। उक्त अधिवक्ता के खिलाफ एक आश्रम संचालक ने बार काउंसिल में वाद दायर किया था।
सत्य साधना कुटीर कैलाश गेट मुनि की रेती के संचालक स्वामी शांति धर्मानंद सरस्वती ने 28 फरवरी 2011 को बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड में अधिवक्ता एके रस्तोगी के खिलाफ वाद दायर किया था। धर्मानंद सरस्वती ने बताया था कि वर्ष 2009 में उनके एक एनआरआई शिष्य ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर उनकी संपत्ति को हड़पने का प्रयास किया था। जिस पर उन्होंने न्यायालय में वाद दायर किया था।
उक्त वाद में पैरवी के लिए उन्होंने एके रस्तोगी को अपना अधिवक्ता बनाया था। लेकिन अधिवक्ता एके रस्तोगी ने दूसरे पक्ष के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर उनकी संपत्ति को हड़पने का प्रयास किया। धर्मानंद सरस्वती की शिकायत पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की अनुशासन समिति ने डाॅ. महेंद्र सिंह पाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
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समिति में प्रभात कुमार चौधरी और राजवीर सिंह सदस्य रहे। अनुशासन समिति ने बहुमत के आधार पर फैसला सुनाया। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने अधिवक्ता एके रस्तोगी की सदस्यता एक वर्ष से लिए निलंबित करने का फैसला सुनाने के साथ ही फैसले की प्रति प्राप्त होने के एक माह के भीतर परिवादी स्वामी शांति धर्मानंद सरस्वती के सभी दस्तावेज वापस लौटाने के आदेश दिए। ऐसा न किए जाने पर निलंबन जारी रहेगा।
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सत्य साधना कुटीर कैलाश गेट मुनि की रेती के संचालक स्वामी शांति धर्मानंद सरस्वती ने 28 फरवरी 2011 को बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड में अधिवक्ता एके रस्तोगी के खिलाफ वाद दायर किया था। धर्मानंद सरस्वती ने बताया था कि वर्ष 2009 में उनके एक एनआरआई शिष्य ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर उनकी संपत्ति को हड़पने का प्रयास किया था। जिस पर उन्होंने न्यायालय में वाद दायर किया था।
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उक्त वाद में पैरवी के लिए उन्होंने एके रस्तोगी को अपना अधिवक्ता बनाया था। लेकिन अधिवक्ता एके रस्तोगी ने दूसरे पक्ष के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर उनकी संपत्ति को हड़पने का प्रयास किया। धर्मानंद सरस्वती की शिकायत पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की अनुशासन समिति ने डाॅ. महेंद्र सिंह पाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
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समिति में प्रभात कुमार चौधरी और राजवीर सिंह सदस्य रहे। अनुशासन समिति ने बहुमत के आधार पर फैसला सुनाया। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने अधिवक्ता एके रस्तोगी की सदस्यता एक वर्ष से लिए निलंबित करने का फैसला सुनाने के साथ ही फैसले की प्रति प्राप्त होने के एक माह के भीतर परिवादी स्वामी शांति धर्मानंद सरस्वती के सभी दस्तावेज वापस लौटाने के आदेश दिए। ऐसा न किए जाने पर निलंबन जारी रहेगा।