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Rishikesh News: 26 दिन बाद पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, ग्रामीणों को राहत
Wed, 07 Oct 2026 07:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 07 Oct 2026 07:27 PM IST
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महिला पर हमले के बाद से फैला था खौफ, चार साल के नर गुलदारक को भेसा रेस्क्यू सेंटर
यमकेश्वर। विकासखंड के बडोली गांव में दहशत का पर्याय बना गुलदार बुधवार तड़के पिंजरे में कैद हो गया। सुबह करीब पांच बजे गुलदार के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और वन विभाग की टीम ने पिंजरा कब्जे में ले लिया। करीब चार साल के नर गुलदार को रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है।
सात सितंबर को गुलदार ने गांव की एक महिला पर हमला किया था। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और भय का माहौल था। ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद वन विभाग ने 12 सितंबर को गांव में पिंजरा लगाया लेकिन कई दिनों तक गुलदार की गतिविधि नजर नहीं आई। बाद में पिंजरे को सड़क के समीप स्थानांतरित किया गया जहां लगे सीसीटीवी कैमरों में गुलदार की आवाजाही कई बार कैद हुई। लगातार निगरानी और 26 दिन की मशक्कत के बाद आखिरकार गुलदार पिंजरे में फंस गया। उसके पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्राम प्रधान बड़ी रीता देवी सहित विजयपाल नेगी और प्रीतम सिंह ने बताया कि गुलदार के भय से महिलाएं घास-लकड़ी लेने जंगल जाने से भी कतरा रही थीं। अब गांव में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। डीएफओ लैंसडाउन गौरव वर्मा ने बताया कि बडोली गांव में लगाए गए पिंजरे में बुधवार सुबह गुलदार पकड़ा गया है। उसे रेस्क्यू सेंटर ले जाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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यमकेश्वर। विकासखंड के बडोली गांव में दहशत का पर्याय बना गुलदार बुधवार तड़के पिंजरे में कैद हो गया। सुबह करीब पांच बजे गुलदार के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और वन विभाग की टीम ने पिंजरा कब्जे में ले लिया। करीब चार साल के नर गुलदार को रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है।
सात सितंबर को गुलदार ने गांव की एक महिला पर हमला किया था। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और भय का माहौल था। ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद वन विभाग ने 12 सितंबर को गांव में पिंजरा लगाया लेकिन कई दिनों तक गुलदार की गतिविधि नजर नहीं आई। बाद में पिंजरे को सड़क के समीप स्थानांतरित किया गया जहां लगे सीसीटीवी कैमरों में गुलदार की आवाजाही कई बार कैद हुई। लगातार निगरानी और 26 दिन की मशक्कत के बाद आखिरकार गुलदार पिंजरे में फंस गया। उसके पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्राम प्रधान बड़ी रीता देवी सहित विजयपाल नेगी और प्रीतम सिंह ने बताया कि गुलदार के भय से महिलाएं घास-लकड़ी लेने जंगल जाने से भी कतरा रही थीं। अब गांव में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। डीएफओ लैंसडाउन गौरव वर्मा ने बताया कि बडोली गांव में लगाए गए पिंजरे में बुधवार सुबह गुलदार पकड़ा गया है। उसे रेस्क्यू सेंटर ले जाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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