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इनसे सीखिए स्वावलंबन के गुर
आलोक पंवार /अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Wed, 08 Jun 2016 02:09 AM IST
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तीर्थयात्रियों को जरूरत का सामान बेचते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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यदि आपको बेहतर स्वावलंबन के गुर सीखने है, तो चले आइये बीटीसी परिसर। यहां स्कूल और कालेज में पढ़ने वाले छात्र ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग कर तीर्थयात्रियों को जरूरत का सामान बेचकर अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल रहे है। छात्रों का कहना है कि वे परिजनों पर आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहते।
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इन दिनों चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में कुछ युवक थैला उठाए तीर्थयात्रियों के इर्दगिर्द मंडराते नजर आएंगे। दरअसल, यह सभी स्कूल और कालेज के छात्र हैं और आस्थापथ पर रवाना होने से पहले तीर्थयात्रियों को बारिश और ठंड से बचाने के लिए बरसाती, प्लास्टिक की चटाई, गर्म जुराब, टोपी, मफलर, जूते बेचते हैं। सुबह से शाम तक छात्र बीटीसी में घूम घूमकर यात्रियों को उनकी जरूरत का सामान बेचकर अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं।
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दसवीं कक्षा के छात्र संदीप कुमार, संदीप गुप्ता, बीए प्रथम वर्ष के मोनू कुमार प्रजापति ने बताया कि वह पिछले दो साल से चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को सामान बेच रहे हैं। स्कूल की एक महीने छुट्टी में इस कारोबार से करीब 15 हजार की बचत हो जाती है। खुद की कमाई से शौक पूरे करने और पढ़ाई का खर्च उठाने से एक सुखद अहसास होता है। परिजनों पर आश्रित रहने की बजाय स्वयं आत्मनिर्भर छात्र स्वावलंबन कैसे बने इसकी सीख दे रहे हैं।
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मेहनत की कमाई से खरीदी बाइक
कुम्हारबाड़ा में रहने वाले गौरव प्रजापति 12वीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले छह साल से यात्रा सीजन में बाहरी प्रांतों से आने वाले तीर्थयात्रियों को उनकी जरूरत का सामान बेच रहे हैं। बाइक का शौक था। सामान बेचकर जो कमाई हुई, उससे पिछले साल नई बाइक खरीदकर शौक पूरा किया। बताया कि कारोबार स्कूल में पड़ने वाली एक माह की छुट्टी तक ही करते हैं। स्कूल खुलते ही पढ़ाई में जुट जाते हैं।