{"_id":"5f84acb58ebc3e9bc202c226","slug":"land-transfer-for-motorpul-started-in-bean-river-rishikesh-news-drn3588812157","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीन नदी में मोटरपुल के लिए भूमि हस्तांतरण का काम शुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीन नदी में मोटरपुल के लिए भूमि हस्तांतरण का काम शुरु
विज्ञापन
ऋषिकेश। बीन नदी में मोटरपुल का सपना साकार होने वाला है, राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बन रहे इस मोटरपुल निर्माण में लिए केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड से एनओसी मिल चुकी है। अब लोनिवि दुगड्डा की ओर से पुल के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रकिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि छह सात महीने बाद पुल का टेंडर होने बाद का काम शुरू हो जाएगा।
यमकेश्वर ब्लॉक में बीन नदी में शासन की ओर से 200 मीटर मोटरपुल स्वीकृत किया गया था। इस मोटरपुल की चौड़ाई नौ मीटर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यमकेश्वर ब्लॉक के थलनदी के गेंद मेले में इस मोटरपुल की घोषणा की थी। इस पुल के प्रथम चरण के काम के लिए शासन की ओर से 29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शासन की ओर से से राज्य वन्यजीव बोर्ड से एनओसी देने के बाद, केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड की ओर से पुल निर्माण के लिए एनओसी दी गई है। लोनिवि दुगड्डा की ओर से जिस जमीन का हस्तांतरण उसका रकबा करीब .51 हेक्टेयर है। मोटरपुल की जमीन हस्तांतरण के बाद लोनिवि दुगड्डा की ओर से इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी। पुल के निर्माण से क्षेत्र गंगा भोगपुर, आमकाटल, किमसार, विंदवासिनी, रामजीवाला, तल्ला बणास, ताल बांदणी, कंटरा सहित दर्जनों गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।
बरसात में रौद्र रूप दिखाती है बीन नदी
ऋषिकेश। बरसात में बीन नदी में यमकेश्वर के गंगा भोगपुर क्षेत्र के आसपास से तीन गधेरों का पानी आता है। बरसात में यह पानी बीन नदी में एकत्रित होने से बीन नदी रौद्र रूप ले लेेती है। बरसात में कई बाइक और बसें इस नदी के चपेट में आ चुकी हैं। कुछ साल पहले इस नदी को पार्क करते वक्त एक वन गुर्जर को जान गंवानी पड़ी थी। हर बार बरसात में इस नदी में फंसे वाहनों को निकालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
सालभर चलता रहेगा यातायात
-बीन नदी के ऊफान पर आने से बरसात में दो महीने तक इस रास्ते आवाजाही बंद रहती है। हरिद्वार से वाया चीला होकर आने वाले वाहन भी हाईवे होकर आते हैं। इस मोटरपुल के बनने के बाद पूरे सालभर इस रोड वाहनों की आवाजाही हो सकेगी।
कोट-
बीन नदी के मोटरपुल के लिए भूमि हस्तांरण की कार्रवाई शुरु हो गई है। भूमि हस्तांतरण होने के पुल की डीपीआर बनेगी। फिर टेंडर होंगे उसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरु होगा।
- सत्यप्रकाश, सहायक अभियंता, लोनिवि दुगड्डा
कोट-
मोटरपुल निर्माण के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। अभी लोनिवि के अधिकारी के भूमि हस्तांतरण के काम के लगे हैं। उसके बाद डीपीआर तैयार की छह महीने के अंदर पुल का निर्माण शुरु हो जाएगा।
- ऋतु खंडूड़ी, विधायक यमकेश्वर
विज्ञापन
यमकेश्वर ब्लॉक में बीन नदी में शासन की ओर से 200 मीटर मोटरपुल स्वीकृत किया गया था। इस मोटरपुल की चौड़ाई नौ मीटर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यमकेश्वर ब्लॉक के थलनदी के गेंद मेले में इस मोटरपुल की घोषणा की थी। इस पुल के प्रथम चरण के काम के लिए शासन की ओर से 29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शासन की ओर से से राज्य वन्यजीव बोर्ड से एनओसी देने के बाद, केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड की ओर से पुल निर्माण के लिए एनओसी दी गई है। लोनिवि दुगड्डा की ओर से जिस जमीन का हस्तांतरण उसका रकबा करीब .51 हेक्टेयर है। मोटरपुल की जमीन हस्तांतरण के बाद लोनिवि दुगड्डा की ओर से इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी। पुल के निर्माण से क्षेत्र गंगा भोगपुर, आमकाटल, किमसार, विंदवासिनी, रामजीवाला, तल्ला बणास, ताल बांदणी, कंटरा सहित दर्जनों गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
बरसात में रौद्र रूप दिखाती है बीन नदी
ऋषिकेश। बरसात में बीन नदी में यमकेश्वर के गंगा भोगपुर क्षेत्र के आसपास से तीन गधेरों का पानी आता है। बरसात में यह पानी बीन नदी में एकत्रित होने से बीन नदी रौद्र रूप ले लेेती है। बरसात में कई बाइक और बसें इस नदी के चपेट में आ चुकी हैं। कुछ साल पहले इस नदी को पार्क करते वक्त एक वन गुर्जर को जान गंवानी पड़ी थी। हर बार बरसात में इस नदी में फंसे वाहनों को निकालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
सालभर चलता रहेगा यातायात
-बीन नदी के ऊफान पर आने से बरसात में दो महीने तक इस रास्ते आवाजाही बंद रहती है। हरिद्वार से वाया चीला होकर आने वाले वाहन भी हाईवे होकर आते हैं। इस मोटरपुल के बनने के बाद पूरे सालभर इस रोड वाहनों की आवाजाही हो सकेगी।
कोट-
बीन नदी के मोटरपुल के लिए भूमि हस्तांरण की कार्रवाई शुरु हो गई है। भूमि हस्तांतरण होने के पुल की डीपीआर बनेगी। फिर टेंडर होंगे उसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरु होगा।
- सत्यप्रकाश, सहायक अभियंता, लोनिवि दुगड्डा
कोट-
मोटरपुल निर्माण के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। अभी लोनिवि के अधिकारी के भूमि हस्तांतरण के काम के लगे हैं। उसके बाद डीपीआर तैयार की छह महीने के अंदर पुल का निर्माण शुरु हो जाएगा।
- ऋतु खंडूड़ी, विधायक यमकेश्वर