परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के साथ शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने मुलाकात की। स्वामी ने कहा कि आगामी कुंभ मेले को प्लास्टिक उपयोग से मुक्त बनाना हम सभी का प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। कुंभ मेले से पहले हरिद्वार के भीड़ वाले स्थानों पर एसटीपी प्लांट लगाने, जहां पर एसटीपी की लाइनें नहीं हैं उन क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत एसटीपी प्लांट लगाए जा सकते हैं। उन्होने कहा कि संतों और सरकार को अभी से ही मिलकर यह तय करना होगा कि कुंभ शिविरों में भंडारा और अन्य गतिविधियों के दौरान प्लास्टिक का पूर्ण रूप से निषेध किया जाए।
स्वामी ने परमार्थ निकेतन में लगे एसटीपी पर चर्चा करते हुए कहा कि यह प्लांट एक सफल मॉडल के रूप में सामने आया है। कम लागत और कम स्थान में लगाए जाने वाले इस संयंत्र को हम कुंभ से पहले बड़े सरकारी भवनों, कालोनियों, अपार्टमेंट और भीड़ वाले स्थानों में लगाएं तो प्रदूषण को काफी हद तक कम कर सकते हैं। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि स्वामी के सुझावों पर शीघ्र ही सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को कुंभ के दौरान मां गंगा की पवित्रता और प्रदेश की संस्कृति को ध्यान में रखते हुए दिव्य कुंभ मेले का आयोजन करने के लिए प्रतिबद्ध होेना होगा।