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चैत्र नवरात्र में घरों में स्थापित किए गए कलश

Sun, 03 Apr 2022 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 01:00 AM IST
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Kalash installed in homes on the first day of Navratri
नवरात्र के पहले दिन मंदिरों और घरों में मां शैलपुत्री की पूजा की गई। इस दौरान मंदिरों में भीड़भाड़ लगी रही। घरों में भी व्रती लोगों ने मठ मंदिरों और घरों में हरियाली बोई। साथ ही विधिविधान के साथ कलश स्थापना की गई। मंदिरों में दिनभर भजन होते रहे।
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भद्रकाली मंदिर, कात्यायनी शीशमझाड़ी, दुर्गा मंदिर मालवीय नगर, बसंती माता मंदिर, मनइच्छा देवी मंदिर में सुबह से ही पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। कई लोगों ने अपने घरों में जौ की हरियाली बोई। उसके साथ ही कलश स्थापना की। गोपाल मंदिर के पुजारी जगमोहन मिश्रा ने बताया कि मां शैल पुत्री की पूजा करने से मनोकामना पूूर्ण होती है।
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हवन कर मां दुर्गा का आह्वान किया।
परमार्थ निकेतन ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष महोत्सव के रूप में मनाया गया। इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती के सान्निध्य में हवन कर मां दुर्गा का आह्वान किया गया। परमार्थ निकेतन में नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि का पर्व भीतर के अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का पर्व है। नवरात्रि का पर्व शक्ति का पर्व, आत्म निरीक्षण का पर्व और भीतर की यात्रा का पर्व है। नवरात्रि के नौ दिनों में आत्मावलोकन के दिन होते हैं।
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मां शैलपुत्री की पूजा की
देवी मां के प्रति आस्था का पर्व चैत्र नवरात्र शनिवार से घरों और मंदिरों में कलश स्थापना और विधि विधान से माता की पूजा अर्चना के साथ शुरू हो गया। नवरात्र के पहले दिन लोगों ने बाजारों से भी जमकर खरीदारी की। पहले दिन प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। क्षेत्र में प्रमुख मंदिर माता मणिमाई मंदिर, माता नलों वाली देवी मंदिर, मां भद्रकाली मंदिर, माता बालासुंदरी मंदिर आदि मंदिरों के अलावा घरों में भी श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की। अग्रवाल धर्मशाला स्थित मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रमेश डंडरियाल ने बताया कि जौ के पौधों का विशेष महत्व है। यदि रोपे गए बीज से पौधे उगेंगे तो इसका अर्थ सुख और समृद्धि का आना है। प्रेमनगर बाजार स्थित शिव मंदिर परिसर में महिला श्रद्धालुओं ने नवरात्र के पहले दिन भजन कीर्तन किया। श्रद्धालुओं ने व्रत लेकर माता की आराधना शुरू की।
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