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परमार्थ निकेतन कराएगा अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव

Sun, 14 Feb 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश Updated Sun, 14 Feb 2016 01:26 AM IST
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international yuga festivel in permard niketan

तीर्थनगरी में हर साल होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की जिम्मेदारी दोबारा परमार्थ निकेतन आश्रम को सौंप दी गई है। वर्ष 1998 से शुरू हुए महोत्सव को पिछले दो सालों से पर्यटन विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) आयोजित करा रहे थे।

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माना जा रहा है कि महोत्सव में साधक न जुटने और सरकारी मशीनरी की विफलता के कारण विश्व स्तरीय आयोजन की जिम्मेदारी दोबारा आश्रम को दे दी गई। महोत्सव एक मार्च से शुरू होगा। अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में सरकार की विफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल सरकार के आयोजन में करीब 200 योग साधक जुटे थे, उनमें से भी विदेशी साधक नाम मात्र के थे।
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वहीं, पिछले साल ही परमार्थ निकेतन आश्रम की ओर से कराए गए अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में एक हजार साधक पहुंचे थे, जिनमें से अधिकतर विदेशी थे।


16 साल तक परमार्थ निकेतन ने कराया महोत्सव
परमार्थ निकेतन आश्रम वर्ष 1998 से पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन करता रहा है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2001 से राज्य पर्यटन विभाग ने भी महोत्सव की जिम्मेदारी परमार्थ निकेतन को ही दे दी।
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2014 में सरकार ने यह तर्क देते हुए महोत्सव की जिम्मेदारी और पर्यटन विभाग और जीएमवीएन को सौंप दी कि अब आयोजन और विस्तृत किया जाएगा। वर्ष 2014 और 2015 में पर्यटन विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम ने मुनिकीरेती के गंगा रिजॉर्ट में परमार्थ निकेतन से अलग होकर अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया।

लेकिन, दोनों विभागों की लापरवाही और महोत्सव की जिम्मेदारी संभाले अधिकारियों की विफलता के कारण विश्व स्तरीय इस आयोजन में योग जिज्ञासुओं, साधकों की संख्या दोनों साल 200 पार भी नहीं गई। इसमें से विदेशी साधक गिने-चुने ही रहे। जबकि बीते साल के परमार्थ निकेतन के आयोजन में 60 देशों के लगभग एक हजार साधक शामिल हुए। लिहाजा, सरकार ने दोबारा अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की जिम्मेदारी परमार्थ निकेतन को सौंप दी।


ये रहे सरकार की विफलता के कारण
महोत्सव की तैयारियों के लिए सही कार्ययोजना का नहीं बन पाना
उचित समय पर महोत्सव का प्रचार-प्रसार नहीं होना
संवाद का अभाव और गैरजरूरी राजनीतिक हस्तक्षेप
महोत्सव के दौरान अधिकारियों का आयोजन स्थल पर पर्याप्त समय न देना
महोत्सव के शुरू होने की तारीख तक सरकार की ओर से तैयारियों का पूरा न होना


परमार्थ निकेतन में चार साल के आयोजनों पर एक नजर
वर्ष-देश-प्रतिभागी साधक
2012-33-550
2013-48-650
2014-55-750
2015-60-1000
स्रोत: परमार्थ निकेतन आश्रम।


हम लगातार उत्तराखंड में तीर्थाटन और पर्यटन विकास के लिए 1998 से राज्य सरकार की मदद से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव करते आ रहे हैं। बीते दो साल सरकार ने अलग से आयोजन किया, हमने उसमें भी पूरा सहयोग किया। हमारा उद्देश्य राज्य से पलायन रोकने और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देना है।-स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि, परमाध्यक्ष परमार्थ निकेतन


प्रयोग के तौर पर पर्यटन विभाग ने योग महोत्सव को और विस्तृत रूप देने के लिए दो साल तक इसका आयोजन किया, लेकिन यह प्रयोग खास सफल नहीं रहा। इसलिए इस साल दोनों विभाग आयोजन के लिए परमार्थ निकेतन का सहयोग करेंगे।-शैलेष बगोली, पर्यटन सचिव, उत्तराखंड


अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव एक मार्च से
परमार्थ निकेतन के प्रवक्ता डॉ. राम महेश मिश्र ने बताया कि पर्यटन विभाग, जीएमवीएन और परमार्थ निकेतन के सहयोग से एक से सात मार्च तक अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।  महोत्सव का शुभारंभ एक मार्च को मुख्यमंत्री हरीश रावत करेंगे। समापन सात मार्च को राज्यपाल द्वारा किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि इस साल महोत्सव में दुनिया के 60 से अधिक देशों और 12 सौ से अधिक साधकों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन को सफल बनाने के लिए स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि करीब एक महीने विदेशी प्रवास के दौरान लोगों को योग के प्रति जागरूक कर चुके हैं।

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