{"_id":"5d2796b08ebc3e6ce97e9d78","slug":"hrda-sealed-three-illegal-constructions-rishikesh-news-drn3126295147","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचआरडीए ने दो भवन निर्माण और एक टावर किया सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचआरडीए ने दो भवन निर्माण और एक टावर किया सील
विज्ञापन
सांईं घाट के समीप दुकान की सीलिंग करते एचआरडीए अधिकारी।
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने बृहस्पतिवार को तीन अवैध निर्माण सील कर दिए। हरिद्वार रोड स्थित एक व्यवसायिक भवन, टेलीकॉम कंपनी के टावर और नीर गड्डू में एक निर्माणाधीन विशाल रिजॉर्ट पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस दौरान किसी ने नोटिस न मिलने की शिकायत की तो किसी ने एचआरडीए टीम पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का भी आरोप लगाया। सिफारिशें भी कराई, लेकिन कुछ काम न आया।
एचआरडीए ने कई महीने बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीलिंग की कार्रवाई को एक्सईएन खुद ऋषिकेश पहुंचे थे। उधर, जिन पर कार्रवाई हुई उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण बताया। कहा कि गंगा से दो सौ मीटर के दायरे में सैकड़ों निर्माण हो चुके हैं, यदि नियमानुसार कार्रवाई हो रही है तो सारे अवैध निर्माणों पर होनी चाहिए। आरोप पर एक्सईएन श्याम मोहन शर्मा कहा कहना था कि सीलिंग अंतिम कार्रवाई नहीं है। यह अवैध निर्माण रोकने की प्रक्रिया है। जिसे शिकायत है, वह सुनवाई में शामिल होकर अपना पक्ष रख सकता है।
सीलिंग तोड़ने वालों पर मुकदमा, दोबारा सीलिंग होगी
एचआरडीए की टीम एक ओर तो सीलिंग कार्रवाई कर रही है दूसरी ओर सीलिंग तोड़कर निर्माण भी हो रहे हैं। ऋषिकेश में ऐसे करीब 150 अवैध निर्माण हैं, जिनका न तो नक्शा पास है और न ही एनजीटी की गाइडलाइंस पर खरे उतरते हैं। इसके अलावा करीब आधा दर्जन व्यवसायिक भवन हैं, जिनकी सील तोड़कर व्यवसाय शुरू कर दिया गया है। इस मुद्दे पर एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी। इसके अलावा जिन लोगों ने सील तोड़कर निर्माण कर लिया है, उन पर मुकदमा दर्ज कर दोबारा सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एचआरडीए ने कई महीने बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीलिंग की कार्रवाई को एक्सईएन खुद ऋषिकेश पहुंचे थे। उधर, जिन पर कार्रवाई हुई उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण बताया। कहा कि गंगा से दो सौ मीटर के दायरे में सैकड़ों निर्माण हो चुके हैं, यदि नियमानुसार कार्रवाई हो रही है तो सारे अवैध निर्माणों पर होनी चाहिए। आरोप पर एक्सईएन श्याम मोहन शर्मा कहा कहना था कि सीलिंग अंतिम कार्रवाई नहीं है। यह अवैध निर्माण रोकने की प्रक्रिया है। जिसे शिकायत है, वह सुनवाई में शामिल होकर अपना पक्ष रख सकता है।
विज्ञापन
सीलिंग तोड़ने वालों पर मुकदमा, दोबारा सीलिंग होगी
एचआरडीए की टीम एक ओर तो सीलिंग कार्रवाई कर रही है दूसरी ओर सीलिंग तोड़कर निर्माण भी हो रहे हैं। ऋषिकेश में ऐसे करीब 150 अवैध निर्माण हैं, जिनका न तो नक्शा पास है और न ही एनजीटी की गाइडलाइंस पर खरे उतरते हैं। इसके अलावा करीब आधा दर्जन व्यवसायिक भवन हैं, जिनकी सील तोड़कर व्यवसाय शुरू कर दिया गया है। इस मुद्दे पर एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी। इसके अलावा जिन लोगों ने सील तोड़कर निर्माण कर लिया है, उन पर मुकदमा दर्ज कर दोबारा सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन