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लंबित मांगों को लेकर गरजीं आशा कार्यकत्री
rishikesh
Updated Wed, 28 Sep 2016 01:21 AM IST
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आशा कार्यकत्री
- फोटो : amar ujala
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प्रतिमाह दो हजार रुपये मानदेय देने का शासनादेश जारी करने, प्रोत्साहन भत्ता देने, यात्रा भत्ता देने की मांग को लेकर आशा कार्यकत्रियों ने मंगलवार को यमकेश्वर तहसील में प्रदर्शन किया। समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। शीघ्र मांगों का निस्तारण न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
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आशा कार्यकत्रियों ने संगठन की अध्यक्ष नीलम भट्ट, सचिव लक्ष्मी पटवाल और कोषाध्यक्ष मीना रौथाण के नेतृत्व में यमकेश्वर तहसील पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार पर आशा कार्यकत्रियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। संगठन अध्यक्ष नीलम भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर आशा कार्यकत्रियों को दो हजार प्रतिमाह मानदेय देने की घोषणा की थी। तब से डेढ़ माह बीत चुका है। लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया गया। प्रोत्साहन भत्ता का भी समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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कहा कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कार्यक्रमों में आशाओं को जाना पड़ता है। लेकिन, उन्हें यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता है। कहाकि लंबे समय से समस्या समाधान की मांग की जा रही है। लेकिन, शासन स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। मांगों के संबंध में सीएम को तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन करने वालों में रेनू बड़ोला, अंजू देवी, उर्मिला देवी, संतोषी देवी, सुमन देवी, सरोजनी देवी, प्रीति देवी, गुड्डी देवी, सतेश्वरी देवी, सविता देवी, गीता देवी, मनोरमा देवी, अनुराधा देवी, परमेश्वरी देवी आदि शामिल थीं।
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